August 30, 2025 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें लफ़्ज़, सियासत और अली सरदार जाफ़री पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. लफ़्ज़, सियासत और अली सरदार जाफ़री तरक़्क़ीपसंद शायरी का ज़िक्र आते ही उन लफ़्ज़ों की दस्तकों... और पढ़े
August 14, 2025 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें शहीद सफ़दर हाशमी के नाम… सलीम सरमद की कलम से…. शहीद सफ़दर हाशमी के नाम… मेरे बचपन को एक आवाज़ ने घेरा था, वो गीत-जिसके स्वर तब मेरी... और पढ़े
July 30, 2025 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें पहली किताब, बस स्टैंड और दीवान रोशन लाल रोशन सलीम सरमद की कलम से…. पहली किताब, बस स्टैंड और दीवान रोशन लाल रोशन जब मुझे शेर के दो मिसरों की समझ आयी... और पढ़े
July 15, 2025 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें ख़्वाब, हक़ीक़त और साग़र सिद्दीक़ी ख़्वाब, हक़ीक़त और साग़र सिद्दीक़ी ‘साग़र सिद्दीक़ी पागलों-सा गर्मी की दुपहरी में भी तन पर काला कंबल डाले एक फुटपाथ पर बैठा रहता... और पढ़े
June 30, 2025 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें अपनी बेवतनी से तबाह बूढ़ा दरवेश – ज़िया फ़ारुक़ी अपनी बेवतनी से तबाह बूढ़ा दरवेश – ज़िया फ़ारुक़ी एमएचके इंस्टिट्यूट की लाइब्रेरी में किताबों के दरमियान बैठे हुए बूढ़े दरवेश की... और पढ़े
June 15, 2025 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें दर्स (शिक्षा), अंदाज़ और शहरयार दर्स (शिक्षा), अंदाज़ और शहरयार “जिसका कलाम जितना बेहतर है वह उसे उतना ही बुरा पढ़ता है”, ये कोई तयशुदा शर्त नहीं है, ये बात ज़रूर पहली बार अपने... और पढ़े
May 30, 2025 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें क़ाफ़िया, रदीफ़ और इरशाद सिकंदर क़ाफ़िया, रदीफ़ और इरशाद सिकंदर कभी-कभी ग़ज़ल अपनी रदीफ़ निभाने में इतनी मशगूल हो जाती है कि अपने अस्ल मक़सद से भटकने... और पढ़े
May 15, 2025 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें एक थे परवीन कुमार अश्क.. एक थे परवीन कुमार अश्क.. एक थे परवीन कुमार अश्क, पंजाबी टोन में बात करते थे। जब भी फ़ोन आता, दिल धक से हो जाता, कम से कम... और पढ़े
May 3, 2025 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें ग़ज़ल, हिंदी लफ़्ज़ और ज़हीर क़ुरैशी ग़ज़ल, हिंदी लफ़्ज़ और ज़हीर क़ुरैशी पुराना भोपाल, रेलवे स्टेशन का एरिया और संगम टॉकीज़ के सामने एक अपार्टमेंट जिसके फ़्लैट में ज़हीर क़ुरैशी साहब अपनी शरीके-हयात के साथ... और पढ़े
April 30, 2025 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें आसेब, ख़ाली हाथ और ज़ुबैर रिज़वी आसेब, ख़ाली हाथ और ज़ुबैर रिज़वी ‘आसेब’ शब्द किसी रहस्य, एक सवाल की तरह मुझे मिला… जिसके हल हो जाने से मुझे ख़ुशी मिलने वाली थी। एक ऐसी गुत्थी... और पढ़े