सुमन कल्याणपुर: जैसे अपने ही सुरों में लीन

सुदिन श्रीवास्तव की कलम से…. सुमन कल्याणपुर: जैसे अपने ही सुरों में लीन              भारतीय फ़िल्म संगीत के एक युग के बारे में सोचकर...

अंक – 52

आब-ओ-हवा – अंक – 52 भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की यह कड़ी हिंदी पत्रकारिता के 200 बरस पूरे होने के संदर्भ...

उदन्त मार्तण्ड से लुप्त मेरुदण्ड तक

बादल सरोज की कलम से…. उदन्त मार्तण्ड से लुप्त मेरुदण्ड तक            यूं तो हाल के लगभग डेढ़ दशक भारतीय प्रेस – विशेषकर हिंदीभाषी प्रेस...

जनसंचार शिक्षा के सामने चुनौतियां

प्रो. संजय द्विवेदी की कलम से…. जनसंचार शिक्षा के सामने चुनौतियां            शिक्षा का मूल उद्देश्य व्यक्ति को आत्मनिर्भर, संवेदनशील और मूल्यनिष्ठ नागरिक बनाना है।...
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