साहित्य के ठेकेदारों के नाम एक चिट्ठी
हिंदी लेखक मनोज रूपड़ा के साथ एक कुलपति के आपत्तिजनक बर्ताव के बाद साहित्य जगत में प्रतिवाद का क्या हाल...
मछली का मायका
पंजाबी और हिंदी दोनों में समानाधिकार से लिखने वाले कथाकार गुलबीर सिंह भाटिया की कहानियाँ मानवीय रिश्तों की, आम ज़िंदगी...
महाप्राण: व्यक्ति से कवि होना
महाप्राण: व्यक्ति से कवि होना बंगाल को हमेशा अपनी जन्मभूमि कहकर उस पर जान...

धोका है इक फ़रेब है मंज़िल का हर ख़याल
सच पूछिए तो सारा सफ़र वापसी का है
– राजेश रेड्डी

नहीं ये सफ़र वापसी का नहीं है
उसे ढूंढ़ने अपने घर जा रहा हूँ
– शारिक़ कैफ़ी

REGULAR BLOGS
प्यार के दिन ख़ूनख़राबे की तस्वीर!
पाक्षिक ब्लॉग भवेश दिलशाद की कलम से.... प्यार के दिन ख़ूनख़राबे की तस्वीर! हिंदी सिनेमा ने एक दौर देखा जब हिंसा को नायक का पर्याय स्थापित कर दिया गया।...
कविता थेरेपी और मनोचिकित्सा
पाक्षिक ब्लॉग (गतांक से आगे) रति सक्सेना की कलम से.... कविता थेरेपी और मनोचिकित्सा अधिकतर पोएट्री थेरेपी के प्रयोग के बारे में भ्रांति होती है। लोग सोचते हैं कि थेरेपिस्ट मनोचिकित्सक...
राजस्थान में मरुस्थल रोकने में अरावली का महत्व
पाक्षिक ब्लॉग विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से.... राजस्थान में मरुस्थल रोकने में अरावली का महत्व अरावली पर्वत शृंखला भारत की सबसे प्राचीन पर्वतमालाओं में से एक है, जो गुजरात...
एआई की होड़, क्या आर्म्स रेस जैसी?
पाक्षिक ब्लॉग ए. जयजीत की कलम से.... हथियार कारोबार की राह पर एआई कंपनियां? इन दिनों दुनिया की तमाम बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियां और विकसित देश मुख्य तौर पर दो क्षेत्रों में...
मक़बूल… फ़िल्म की ज़मीन और आसमान
21वीं सदी के 25 वर्षों में से वो 25 भारतीय फ़िल्में, जो एक टर्निंग पॉइंट साबित हुईं। एक युवा फ़िल्मकार की दृष्टि से चयन और इन फ़िल्मों का दस्तावेज़ीकरण... पाक्षिक ब्लॉग (भाग-3) मानस की कलम...
एक नज़्म, एक शेर, एक प्ले, एक तस्वीर, और फ़ज़ल ताबिश
पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से.... एक नज़्म, एक शेर, एक प्ले, एक तस्वीर, और फ़ज़ल ताबिश एक नज़्म, एक शेर, एक प्ले और एक तस्वीर के साथ फ़ज़ल...
आयुर्वेद पर फैसला बिना सुनवाई?
पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आलोक त्रिपाठी की कलम से.... आयुर्वेद पर फैसला बिना सुनवाई? आयुर्वेद भारत की केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन को देखने का एक समग्र दृष्टिकोण...
तंग नज़रों से ही देखें इस गुज़रते दौर को
पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से.... तंग नज़रों से ही देखें इस गुज़रते दौर को यह समय लीडरों की बदमिज़ाजी, बेहयाई और बेशर्मी को सामने लाता दौर है। वैसे भी...
ध्वनि से अर्थ तक: लेखन की आंतरिक यात्रा
पाक्षिक ब्लॉग संजीव जैन की कलम से.... ध्वनि से अर्थ तक: लेखन की आंतरिक यात्रा इस ब्लॉग की भूमिका- मेरा मानना है लेखन सीखा नहीं जाता, सुना जाता...
सोनाबाई और उनके मौन का विस्तार
पाक्षिक ब्लॉग शम्पा शाह की कलम से.... सोनाबाई और उनके मौन का विस्तार ...तो मैं बता रही थी 1983 में सोनाबाई को राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने की ख़बर आसपास के गांव...
इतिहास से कम नहीं रामचंद्र गुहा के संस्मरण
पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से.... इतिहास से कम नहीं रामचंद्र गुहा के संस्मरण हाल-फ़िलहाल में सेतु प्रकाशन से आयी पुस्तक 'सामने आते ही नहीं' प्रसिद्ध इतिहास...
सिल्क गौहर, इंशा का अजीबो-गरीब प्रयोग
पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से.... सिल्क गौहर, इंशा का अजीबो-गरीब प्रयोग "सिल्क गौहर" पहली उर्दू किताब है, जो बिना किसी बिंदी वाले उर्दू अक्षरों से बने शब्दों में लिखी...
मध्य प्रदेश के यादगार चेहरे
मध्य प्रदेश 70वें साल में प्रवेश कर चुका है। मध्य प्रदेश के बारे में सामान्य ज्ञान के साथ ही कुछ विशिष्ट जानकारियां, बातें और विमर्श हम इस ब्लॉग में पढ़ेंगे। इस ब्लॉग के लिए आप...
पंचवाक्य: जहाँ ठहरकर चोट करता है व्यंग्य
पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से.... पंचवाक्य: जहाँ ठहरकर चोट करता है व्यंग्य व्यंग्य साहित्य केवल हँसी-मज़ाक या तात्कालिक मनोरंजन की विधा नहीं है, बल्कि वह समाज के...
कसौटी पर कितने खरे माधव कौशिक?
पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से.... कसौटी पर कितने खरे माधव कौशिक? तक़रीबन दर्जन भर ग़ज़ल संग्रह के रचनाकार डॉ. माधव कौशिक मौजूदा दौर में किसी परिचय के...
