बशीर बद्र: महानता और महानता का दंभ
डॉ. आज़म की कलम से.... बशीर बद्र: महानता और महानता का दंभ ग़ज़ल की...
मुझे ख़ुशनसीब बना गये बशीर बद्र साहब
यादें अशोक ‘मिज़ाज’ बद्र की कलम से.... मुझे ख़ुशनसीब बना गये बशीर बद्र साहब मैं जागता रहा तो ग़ज़ल जागती रही मैं सो गया तो साथ...

कहूं किस तरह मैं कि वो बेवफ़ा है
मुझे उसकी मजबूरियों का पता है
– ख़ुमार बाराबंकवी

कुछ तो मजबूरियां रही होंगी
यूं कोई बेवफ़ा नहीं होता
– बशीर बद्र

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बशीर बद्र, मैं और वो क़िस्से…
पाक्षिक ब्लॉग भवेश दिलशाद की कलम से.... बशीर बद्र, मैं और वो क़िस्से... कहूं किस तरह मैं कि वो बेवफ़ा है मुझे उसकी मजबूरियों का पता...
सिनेमा को जन-जन तक ले गये मदन की दास्तान
पाक्षिक ब्लॉग चारु शर्मा की कलम से.... सिनेमा को जन-जन तक ले गये मदन की दास्तान नमस्कार साथियो, सिनेमा की दुनिया में दो चीज़ें सबसे महत्वपूर्ण हैं, पहली फ़िल्में यानी...
वैज्ञानिक/लेखक, चेतावनी की हर आवाज़ बेअसर!
पाक्षिक ब्लॉग विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से.... वैज्ञानिक/लेखक, चेतावनी की हर आवाज़ बेअसर! सन 1972 में 'क्लब ऑफ़ रोम' ने अपने ऐतिहासिक शोध पत्र "द लिमिट्स...
बग़ैर दुनिया के एआई की क्या अहमियत?
पाक्षिक ब्लॉग ए. जयजीत की कलम से.... बग़ैर दुनिया के एआई की क्या अहमियत? गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हसाबिस ने हाल ही (21 मई 2026) एक इंटरव्यू में कहा...
लगान: क्या है उपलब्धि और विरासत?
21वीं सदी के 25 वर्षों में से वो 25 भारतीय फ़िल्में, जो टर्निंग पॉइंट साबित हुईं। एक युवा फ़िल्मकार की दृष्टि से चयन और इन फ़िल्मों का दस्तावेज़ीकरण... पाक्षिक ब्लॉग (भाग-11) मानस की कलम से......
ओम निश्चल: हिंदी ग़ज़ल में वरिष्ठों का नौसीखियापन!
पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से.... ओम निश्चल: हिंदी ग़ज़ल में वरिष्ठों का नौसीखियापन! मेरे गाँव में कहावत है- ‘नाऊ की बारात में सब ठाकुर’। यह कहावत हिंदी ग़ज़ल...
विकसित भारत 2047: स्वास्थ्य का भविष्य कितना चिंताजनक?
पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आलोक त्रिपाठी की कलम से.... विकसित भारत 2047: स्वास्थ्य का भविष्य कितना चिंताजनक? क्या विकसित भारत 2047 का स्वास्थ्य मॉडल वास्तव में भारतीय स्वास्थ्य आवश्यकताओं पर आधारित...
तुलसी, मीरा, सूर, कबीर और बशीर
पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से.... तुलसी, मीरा, सूर, कबीर और बशीर ज्यौं रहीम या वृंद हैं, तुलसी सूर, कबीरत्यौं संग सबके बैठ के लिखते शे'र बशीरयह दोहा मैंने उस वक़्त लिखा था, जब...
लेखन में भाषा की आत्मा को कैसे समझें?
पाक्षिक ब्लॉग डॉ. संजीव जैन की कलम से.... लेखन में भाषा की आत्मा को कैसे समझें? ध्वनि से अर्थ तक लेखन की आंतरिक यात्रा का नौवां अध्याय... “शब्दों...
संगीत का चित्रकला में रूपांतरण-2
बृजेंद्र श्रीवास्तव की कलम से.... संगीत का चित्रकला में रूपांतरण-2 'संगीत का चित्रकला में रूपांतरण: कैसे और कितना सम्भव?' पिछली कड़ी में हमने इस चर्चा में विभिन्न कला माध्यमों...
तहमीना का ‘कुफ़्र’… धर्म और औरत
पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से.... तहमीना का 'कुफ़्र'... धर्म और औरत इक्कीसवीं सदी के दूसरे दशक की शुरूआत में पाकिस्तान की तहमीना दुर्रानी का...
यादों की बारात: उर्दू अदब की सबसे बेहतरीन आत्मकथा
पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से.... यादों की बारात: उर्दू अदब की सबसे बेहतरीन आत्मकथा "यादों की बारात" एक महान शायर की जीवनी और इतिहास रचने...
सिकन्दर के देश में, स्त्रुगा की काव्य संध्या
पाक्षिक ब्लॉग रति सक्सेना की कलम से..... सिकन्दर के देश में, स्त्रुगा की काव्य संध्या ज़्यादातर आक्रमणकारी दुश्मनी के दायरे में आ जाते हैं, लेकिन कुछ...
व्यंग्य की काव्य-यात्रा: कबीर से समकाल तक-2
पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से.... व्यंग्य की काव्य-यात्रा: कबीर से समकाल तक-2 प्रयोगवाद और नई कविता (1943-1953) : बौद्धिक और संरचनात्मक व्यंग्यप्रगतिवाद के बाद प्रयोगवाद और नई कविता के दौर में व्यंग्य...
रंग बिरंगी: नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-8
पाक्षिक ब्लॉग विवेक मेहता की कलम से.... रंग बिरंगी: नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-8 पिछली कड़ियों में हिंदी साहित्य जगत के स्वनामधन्य लेखकों/कलमकारों के बीच के चुटकुलों/कटाक्ष/हास्य लहरियों को यहां...
