इस्मत चुग़ताई का 1972 का नायाब इंटरव्यू
गूंज बाक़ी... इस्मत चुग़ताई (21.08.1915-24.10.1991) का एक नायाब इंटरव्यू, जिसमें उन्होंने अपनी रचना प्रक्रिया पर बात की है, अपनी कहानियों...
गूंज बाक़ी... इस्मत चुग़ताई (21.08.1915-24.10.1991) का एक नायाब इंटरव्यू, जिसमें उन्होंने अपनी रचना प्रक्रिया पर बात की है, अपनी कहानियों...
पुस्तक चर्चा ख़ुदेजा ख़ान की कलम से.... ज़िंदगी से क़दमताल करता यादों का कारवां पुस्तक-...
इंद्रधनुष-13: राजेंद्र गौतम के नवगीत 1984 में प्रकाशित पुस्तक 'हिन्दी नवगीतः उद्भव और विकास' यानी अब तक नवगीत के सबसे...
#नयेसुर... इस अंक में नियमित ब्लॉग्स के अलावा जो भी सृजन है, सब बाक़ायदा विद्यार्थियों के द्वारा। इस अंक में...
हम बोलेंगे... यहां आंदोलन शायराना कोई आंदोलन होता है, तो उसकी भूमिका से लेकर प्रभाव तक में काव्य धड़कता रहता है। ऐसी कविताओं का इतिहास पुराना रहा है, जो...

क्या चीज़ दिल है चाहिए तो जान लीजिए
पर बात कोई है जो कहूं मान लीजिए
– ग़ुलाम हमदानी ‘मुसहफ़ी’

दिल चीज़ क्या है आप मेरी जान लीजिए
बस एक बार मेरा कहा मान मान लीजिए
– शहरयार

हिंदी-उर्दू के कुछ विशिष्ट हस्ताक्षरों का जन्म 1926-27 में हुआ। हालांकि कुंवर नारायण, नामवर सिंह, ख़लील-उर-रहमान आज़मी, साजिदा ज़ैदी, रमानाथ अवस्थी, मोहम्मद अल्वी, नरेश कुमार शाद, गुलज़ार देहलवी, इब्ने-इंशा, विजयदान देथा, ख़दीजा मस्तूर जैसे नाम...
इस स्तंभ में 21वीं सदी के 25 वर्षों में से वो 25 भारतीय फ़िल्में, जो टर्निंग पॉइंट साबित हुईं। एक युवा फ़िल्मकार की दृष्टि से चयन... नियमित ब्लॉग (भाग-14) मानस की कलम से... भावेश जोशी...
नियमित ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से.... आलापचारी: मां-बेटी के रिश्तों का नया रूप रजनी गुप्त हिंदी की जानी-मानी, चर्चित कथाकार हैं। उनके दस उपन्यास और नौ कहानी...
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नियमित ब्लॉग डॉ. आलोक त्रिपाठी की कलम से.... गोल्लागुप्पा की घटना, मीडिया की सक्रियता: संदेश क्या? पिछले महीने के शुरू में आंध्र प्रदेश के एक गांव में एक ऐसी...
नियमित ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से.... मुशायरे: रिवायत, अहमियत और फ़ायदे-2 अब रुख़ करते हैं दिल्ली के दीगर मुशायरों की तरफ़। दरबारी मुशायरों के सिवा भी लोग अपने...
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नियमित ब्लॉग चारु शर्मा की कलम से.... वेलेस: सिनेमाई रचनात्मक स्वतंत्रता का पहला विचार ऑर्सन वेलेस (Orson Welles) का नाम विश्व सिनेमा के इतिहास में उन कलाकारों में लिया जाता है, जिन्होंने यह साबित किया...
नियमित ब्लॉग डॉ. संजीव जैन की कलम से.... भाषा, जीवन और नियंत्रण का अदृश्य तंत्र ध्वनि से अर्थ तक: लेखन की आंतरिक यात्रा का 12वां अध्याय। ...
नियमित ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से.... बाज़ार और सांप्रदायिकता मुक्त रहना यह कठिन काम है- आंद्रे ज़ीदधर्म और मनोरंजन की दो झीनी परतें देह पर चिपकी हैं। जब लोग नैतिक होंगे मनोरंजन की परत...
नियमित ब्लॉग विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से.... सदी के 'नये तेल': पर्यावरण की बड़ी चुनौती स्मार्टफ़ोन की चमचमाती स्क्रीन से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों की साइलेंट रफ़्तार और पवन...
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नियमित ब्लॉग रति सक्सेना की कलम से.... अलारिज, स्पेन का एक चमत्कारी नगर सच कहूँ तो मुझे मालूम ही नहीं था कि स्पेन के दक्षिण छोर पर एक ऐसा...
मासिक ब्लॉग निशांत कौशिक की कलम से.... द टनल: असहज पाठकीय अनुभव देती कथा एक मित्र के सुझाव से बीते दिनों अर्जेण्टीना के कथाकार और चित्रकार अर्नेस्तो सबातो...
नियमित ब्लॉग विवेक मेहता की प्रस्तुति... रंग बिरंगी: नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-11 हिंदी-उर्दू के साथ ही भारतीय साहित्य जगत के स्वनामधन्य लेखकों/कलमकारों के बीच के चुटकुलों/कटाक्ष/हास्य लहरियों को प्रस्तुत...

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