खुसरो पाती प्रेम की बिरला बांचे कोय

निबंध शशि खरे की कलम से.... खुसरो पाती प्रेम की बिरला बांचे कोय              छांदोग्य...

अर्द्धनारीश्वर

डॉ. मंगला अनुजा की कलम से.... अर्द्धनारीश्वर              शिव का वह स्वरूप जिसमें उनके शरीर...

बदली-बदली नज़र आती है दुनिया आवाज़ की

'मान' सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज...

भोपाल और मिर्ज़ा ग़ालिब

'मान' सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज...

अंक – 45

आब-ओ-हवा – अंक - 45 भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की इस कड़ी में मिर्ज़ा ग़ालिब की याद का एक ख़ास पन्ना। विश्व रेडियो दिवस गया, प्रेम का...

अथ श्री पद्म-पुरस्कारम् प्रपंच कथा

पाक्षिक ब्लॉग भवेश दिलशाद की कलम से.... अथ श्री पद्म-पुरस्कारम् प्रपंच कथा           भारत रत्न तक के चयन पर उंगली उठती है, तब पद्म पुरस्कारों में नुक़्स निकालना बेरोज़गारों का काम...

राजेश रेड्डी, rajesh reddy

धोका है इक फ़रेब है मंज़िल का हर ख़याल
सच पूछिए तो सारा सफ़र वापसी का है
– राजेश रेड्डी

नहीं ये सफ़र वापसी का नहीं है
उसे ढूंढ़ने अपने घर जा रहा हूँ
– शारिक़ कैफ़ी

शारिक़ कैफ़ी, shariq kaifi

REGULAR BLOGS

प्यार के दिन ख़ूनख़राबे की तस्वीर!

पाक्षिक ब्लॉग भवेश दिलशाद की कलम से.... प्यार के दिन ख़ूनख़राबे की तस्वीर!             हिंदी सिनेमा ने एक दौर ​देखा जब हिंसा को नायक का पर्याय स्थापित कर दिया गया।...

कविता थेरेपी और मनोचिकित्सा

पाक्षिक ब्लॉग (गतांक से आगे) रति सक्सेना की कलम से.... कविता थेरेपी और मनोचिकित्सा          अधिकतर पोएट्री थेरेपी के प्रयोग के बारे में भ्रांति होती है। लोग सोचते हैं कि थेरेपिस्ट मनोचिकित्सक...

राजस्थान में मरुस्थल रोकने में अरावली का महत्व

पाक्षिक ब्लॉग विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से.... राजस्थान में मरुस्थल रोकने में अरावली का महत्व            अरावली पर्वत शृंखला भारत की सबसे प्राचीन पर्वतमालाओं में से एक है, जो गुजरात...

एआई की होड़, क्या आर्म्स रेस जैसी?

पाक्षिक ब्लॉग ए. जयजीत की कलम से.... हथियार कारोबार की राह पर एआई कंपनियां?          इन दिनों दुनिया की तमाम बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियां और विकसित देश मुख्य तौर पर दो क्षेत्रों में...

मक़बूल… फ़िल्म की ज़मीन और आसमान

21वीं सदी के 25 वर्षों में से वो 25 भारतीय फ़िल्में, जो एक टर्निंग पॉइंट साबित हुईं। एक युवा फ़िल्मकार की दृष्टि से ​चयन और इन फ़िल्मों का दस्तावेज़ीकरण... पाक्षिक ब्लॉग (भाग-3) मानस की कलम...

एक नज़्म, एक शेर, एक प्ले, एक तस्वीर, और फ़ज़ल ताबिश

पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से.... एक नज़्म, एक शेर, एक प्ले, एक तस्वीर, और फ़ज़ल ताबिश            एक नज़्म, एक शेर, एक प्ले और एक तस्वीर के साथ फ़ज़ल...

आयुर्वेद पर फैसला बिना सुनवाई?

पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आलोक त्रिपाठी की कलम से.... आयुर्वेद पर फैसला बिना सुनवाई?             आयुर्वेद भारत की केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन को देखने का एक समग्र दृष्टिकोण...

तंग नज़रों से ही देखें इस गुज़रते दौर को

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से.... तंग नज़रों से ही देखें इस गुज़रते दौर को          यह समय लीडरों की बदमिज़ाजी, बेहयाई और बेशर्मी को सामने लाता दौर है। वैसे भी...

ध्वनि से अर्थ तक: लेखन की आंतरिक यात्रा

पाक्षिक ब्लॉग संजीव जैन की कलम से.... ध्वनि से अर्थ तक: लेखन की आंतरिक यात्रा               इस ब्लॉग की भूमिका- मेरा मानना है लेखन सीखा नहीं जाता, सुना जाता...

सोनाबाई और उनके मौन का विस्तार

पाक्षिक ब्लॉग शम्पा शाह की कलम से.... सोनाबाई और उनके मौन का विस्तार            ...तो मैं बता रही थी 1983 में सोनाबाई को राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने की ख़बर आसपास के गांव...

इतिहास से कम नहीं रामचंद्र गुहा के संस्मरण

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से.... इतिहास से कम नहीं रामचंद्र गुहा के संस्मरण               हाल-फ़िलहाल में सेतु प्रकाशन से आयी पुस्तक 'सामने आते ही नहीं' प्रसिद्ध इतिहास...

सिल्क गौहर, इंशा का अजीबो-गरीब प्रयोग

पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से.... सिल्क गौहर, इंशा का अजीबो-गरीब प्रयोग          "सिल्क गौहर" पहली उर्दू किताब है, जो बिना किसी बिंदी वाले उर्दू अक्षरों से बने शब्दों में लिखी...

मध्य प्रदेश के यादगार चेहरे

मध्य प्रदेश 70वें साल में प्रवेश कर चुका है। मध्य प्रदेश के बारे में सामान्य ज्ञान के साथ ही कुछ विशिष्ट जानकारियां, बातें और विमर्श हम इस ब्लॉग में पढ़ेंगे। इस ब्लॉग के लिए आप...

पंचवाक्य: जहाँ ठहरकर चोट करता है व्यंग्य

पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से.... पंचवाक्य: जहाँ ठहरकर चोट करता है व्यंग्य            व्यंग्य साहित्य केवल हँसी-मज़ाक या तात्कालिक मनोरंजन की विधा नहीं है, बल्कि वह समाज के...

कसौटी पर कितने खरे माधव कौशिक?

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से.... कसौटी पर कितने खरे माधव कौशिक?              तक़रीबन दर्जन भर ग़ज़ल संग्रह के रचनाकार डॉ. माधव कौशिक मौजूदा दौर में किसी परिचय के...