“मणिपुर जल रहा है”
हिंसा पीड़ित मणिपुर का जाएज़ा लेने गयी थीं, भोपाल निवासी कवि और 'समय के साखी' की संपादक डॉ. आरती, उनकी...
हिंसा पीड़ित मणिपुर का जाएज़ा लेने गयी थीं, भोपाल निवासी कवि और 'समय के साखी' की संपादक डॉ. आरती, उनकी...
खुर्शीद मलिक की कलम से.... अगस्त 1947 से आज तक: आज़ादी का सफ़र 15...
डॉ. वीरेन्द्र कुमार शेखर की कलम से.... सीजेपी आन्दोलन और लोकतंत्र का कल कुछ घटनाएँ...
ख़बरनामा:200... इस साप्ताहिक शृंखला के लेख हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों के इतिहास की प्रवृत्तियों, सीमाओं, उपलब्धियों और अंतर्विरोधों को...
संस्मरण रामप्रकाश त्रिपाठी की कलम से.... क़िस्सा डॉ. शिवमंंगल सिंह सुमन की क़ैद का जिसका ज़िक्र इस इस फ़साने में है, वह शहर ग्वालियर की एक क़दीम महलनुमा इमारत है,...
डायरी शशि खरे की कलम से.... स्वतंत्रता की खोज में दिनांक 08/08/26 समय प्रात:...
हास्य-व्यंग्य मुकेश असीमित की कलम से.... कोर्ट का टाइम खोटी करने का नहीं! काहे को...
व्यंग्य रवि श्रीवास्तव की कलम से.... लोकतंत्र सुरक्षित है वह मेरे पास आकर बैठ...
व्यंग्य-कथा संजीव परसाई की कलम से.... व्यंग्य का दरोगा दरोगा-राज में सब सुखी थे। लोग...
"साथ, यक़ीं, वाबस्तगी, बिकने थे बेदाम/ आज़ादी जो रख दिया, बंटवारे का नाम"... 1947 में विभाजन की क़ीमत पर आज़ादी मिली। आज...
फ़िल्म चर्चा आकांक्षा की कलम से.... क्यों देखी जाये "मैं वापस आऊंगा"? ऐसा नहीं कि विभाजन पर पहले फ़िल्में नहीं बनीं। ऐसा भी नहीं कि अच्छी नहीं बनीं। गर्म...

ख़्वाब की ताबीर पर इसरार है जिनको अभी
पहले उनको ख़्वाब से बेदार होना चाहिए
– ज़फ़र इक़बाल

रात अपने ही किसी साये से अब चौंकेगी
नींद गहरी है बुरे ख़्वाब से ही टूटेगी
– भवेश दिलशाद

नियमित कॉलम भवेश दिलशाद की कलम से.... ओडिसी: इस वक़्त महाकाव्य का पुनर्पाठ? महाकाव्यों का सबसे बड़ा विरसा होता है कि ये देश और काल की हदों को बेमानी...
सिनेमा जगत में एक ख़ास तरह की फ़िल्मों के लिए पूरी आज़ादी का माहौल है तो दूसरी ख़ास तरह की फ़िल्मों के लिए पूरी पाबंदी का। इस बीच एक निर्देशक अपनी बात पहुंचा पा रहा...
पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से.... राही मासूम रज़ा का ‘आधा गाँव’ और हिन्दी-उर्दू विवाद हिन्दी के कालजयी उपन्यास ‘आधा गाँव’ के यशस्वी लेखक राही मासूम रज़ा का यह जन्म शताब्दी वर्ष है। वर्तमान...
इस बार इस कॉलम में कुछ ऐसी रचनाएं, जो न सिर्फ़ आज़ादी की बात करती हैं बल्कि तक़्सीम-ए-हिंद (भारत विभाजन) पर सवाल भी खड़ा करती हैं; आज़ादी के मतवालों की न सिर्फ़ हौसला-अफ़ज़ाई करती हैं...
स्वास्थ्य से जुड़ी हमारी धारणाओं, प्रैक्टिसों, नीतियों और अप्रोच आदि को लेकर यह ब्लॉग लगातार चिंतन प्रस्तुत कर रहा है। 'आज़ादी का ऑडिट' अंक में देश की स्वास्थ्य नीतियों से संबंधित आंकड़ों और फ़ैक्ट्स के...
आज जब हम हर शब्द के मायने भूल रहे हैं, हर शब्द अपना अर्थ खोता जा रहा है तब ‘आज़ादी’ शब्द के अर्थ को क़ायम रखना हमारा कर्तव्य हो जाता है। 'आज़ादी का ऑडिट' अंक...
पाक्षिक ब्लॉग ए. जयजीत की कलम से.... एआई को प्लीज़ थैंक्स कहना छोड़िए बिजली संकट भविष्य की चुनौतियों में किस प्रकार हमारे सामने खड़ा है, इसका अनुमान आप अपनी छत पर जाकर लगाइए। क्या आपकी...
पहले विश्वयुद्ध के बीच रूस की क्रांति ने एक फ़िल्मकार को उभारा, जिसने पहली बार सिनेमा को वैचारिकी का माध्यम बनाने का सफ़र शुरू किया। इस सफ़र में वह कई सत्ताओं से टकराता रहा लेकिन...
पाक्षिक ब्लॉग डॉ. संजीव जैन की कलम से.... लेखन: दस्तावेज़ीकरण नहीं, जीवन प्रवाह ध्वनि से अर्थ तक: लेखन की आंतरिक यात्रा का दसवां अध्याय... हमने जीवन को जीना कम और सुरक्षित रखना अधिक शुरू कर...
पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से.... इतिहास बकवास है! "इतिहास बकवास है।" - हेनरी फ़ोर्ड लोग बीते काल की पीठ पर लदे हुए... रेले की तरह किसी एक दिशा में...
6 अगस्त 1945 को हिरोशिमा और 9 अगस्त को नागासाकी पर परमाणु बम बरसाये जाने की बरसी औपचारिक चिंताओं में सिमटकर रह गयी। परमाणु अप्रसार को बढ़ावा देने वाले जापानी संगठन को पिछले वर्षों में...
नियमित ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से.... हिंदी ग़ज़ल के गिरोह की भावना डॉ. भावना की हैसियत बिहार में परवीन शाकिर से कहीं अधिक है। इनके चारों ओर आलोचकों...
पाक्षिक ब्लॉग रति सक्सेना की कलम से..... सिकंदर का देश-2 आज के दिन हम लोग नाश्ते के बाद फिर नदी के किनारे चल दिये, आज पुनः मेसीडोनिया के कवियों की पुस्तकों का विदेशी भाषाओं में...
मासिक ब्लॉग निशांत कौशिक की कलम से.... क्यों पढ़ना चाहिए 'डेथ इन वेनिस'? मैंने लगभग चार महीने पहले थॉमस मान कृत 'द मैजिक माउंटेन' पढ़ा था। वह लंबी अवधि और विराट फ़लक का उपन्यास था-...
नियमित ब्लॉग विवेक मेहता की प्रस्तुति.... रंग-बिरंगी: नामचीन साहित्यकारों की चुटकियाँ-9 हिंदी साहित्य जगत के स्वनामधन्य लेखकों/कलमकारों के बीच के चुटकुलों/कटाक्ष/हास्य लहरियों को प्रस्तुत करने की इस शृंखला...

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