मासिक ब्लॉग निशांत कौशिक की कलम से…. क्यों पढ़ना चाहिए ‘डेथ इन वेनिस’? मैंने लगभग चार महीने पहले थॉमस मान कृत ‘द मैजिक माउंटेन’ पढ़ा था। वह लंबी अवधि...
मासिक ब्लॉग निशांत कौशिक की कलम से…. ईरान, सादिक़ हिदायत और अंधा उल्लू मन फ़क़त बराए साये-अम मी-नवीसम के दर मुक़ाबिल-ए-नूर रूए दीवार अंदाख़्ते मी-शवद।...
मासिक ब्लॉग निशांत कौशिक की कलम से…. टिस्का की ‘चटनी’ और साकी की ‘दि ओपन विंडो’ इतालवी उपन्यासकार और गद्यकार उम्बर्तो एको ने कहा था, ज़िंदा रहने के लिए...
दॉस्तोएव्स्की के बहाने इन दिनों दॉस्तोएव्स्की फिर चर्चा में हैं। उनकी लघुकथा ‘व्हाइट नाइट्स’ ज़ोरों से पढ़ी जा रही है। पिछले सवा-सौ बरसों में दॉस्तोएव्स्की की उपस्थिति हमारे...
उत्तर-उपनिवेशवाद में अस्मिता के प्रश्न केन्याई लेखक, नाटककार और विचारक न्यूगी वा थ्योंगो का 28 मई 2025 को अमेरिका के अस्पताल में 87 वर्ष की आयु में निधन हो...