August 14, 2026 आब-ओ-हवा नज़रिया लोकतंत्र सुरक्षित है व्यंग्य रवि श्रीवास्तव की कलम से…. लोकतंत्र सुरक्षित है वह मेरे पास आकर बैठ गया। हताश और उदास। राह चलते मुलाक़ात हो जाती... और पढ़े
August 14, 2026 आब-ओ-हवा नज़रिया हिंदी पत्रकारिता का भारत-बोध ख़बरनामा:200… इस साप्ताहिक शृंखला के लेख हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों के इतिहास की प्रवृत्तियों, सीमाओं, उपलब्धियों और अंतर्विरोधों को समझने का प्रयास हैं। इन लेखों को इन्हें लिखने... और पढ़े
August 7, 2026 आब-ओ-हवा नज़रिया टूटती मूर्तियाँ.. समाज का वैचारिक दर्पण विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. टूटती मूर्तियाँ.. समाज का वैचारिक दर्पण इतिहास का एक विचित्र दृश्य बार-बार सामने आता है। जब किसी समाज... और पढ़े
July 21, 2026 आब-ओ-हवा नज़रिया कॉकरोच वहीं होते हैं, जहाँ गंदगी है उलटबाँसी विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. कॉकरोच वहीं होते हैं, जहाँ गंदगी है सुनो साधो! पहले कॉकरोच घर के कोनों में मिलते थे।... और पढ़े
July 15, 2026 आब-ओ-हवा नज़रिया नयी सदी की नयी आवाज़: बशीर बद्र प्रो. नौमान ख़ान की कलम से…. नयी सदी की नयी आवाज़: बशीर बद्र जदीद उर्दू ग़ज़ल को नया चेहरा, नया रंग-रूप, नये आयाम, नया... और पढ़े
June 30, 2026 आब-ओ-हवा नज़रिया राम नाम जपना पराया माल अपना व्यंग्य विवेक श्रीवास्तव की कलम से…. राम नाम जपना पराया माल अपना माथे पर इतना चौड़ा और चमकदार तिलक लगाओ कि ‘पवित्रता’... और पढ़े
June 4, 2026 आब-ओ-हवा नज़रिया पर्यावरण दिवस: हालात से वाकिफ़ हैं आप? भवेश दिलशाद की कलम से…. पर्यावरण दिवस: हालात से वाकिफ़ हैं आप? 1— क्या आप जानते हैं वायु प्रदूषण से हर साल दुनिया भर... और पढ़े
May 30, 2026 आब-ओ-हवा नज़रिया उदन्त मार्तण्ड से लुप्त मेरुदण्ड तक बादल सरोज की कलम से…. उदन्त मार्तण्ड से लुप्त मेरुदण्ड तक यूं तो हाल के लगभग डेढ़ दशक भारतीय प्रेस – विशेषकर हिंदीभाषी प्रेस... और पढ़े
May 21, 2026 आब-ओ-हवा नज़रिया कॉकरोच पार्टी और बेसुरे दौर में ‘मेलोडी’ राग व्यंग्य विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. कॉकरोच पार्टी और बेसुरे दौर में ‘मेलोडी’ राग दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सियासी अखाड़े... और पढ़े