उदन्त मार्तण्ड से लुप्त मेरुदण्ड तक

बादल सरोज की कलम से…. उदन्त मार्तण्ड से लुप्त मेरुदण्ड तक            यूं तो हाल के लगभग डेढ़ दशक भारतीय प्रेस – विशेषकर हिंदीभाषी प्रेस...

कॉकरोच पार्टी और बेसुरे दौर में ‘मेलोडी’ राग

व्यंग्य विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. कॉकरोच पार्टी और बेसुरे दौर में ‘मेलोडी’ राग             दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सियासी अखाड़े...

महिला आरक्षण की अधूरी यात्रा और लोकतंत्र

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. महिला आरक्षण की अधूरी यात्रा और लोकतंत्र              भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताक़त उसकी विविधता और समावेशिता...

साहित्य की आत्मा और सिनेमा का पर्दा

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. साहित्य की आत्मा और सिनेमा का पर्दा              लेखकीय भावना के साथ न्याय या निर्देशक का व्यवसायिक रूपांतरण,...

एपिस्टीन फाइल की गूंज बनाम भयंकर धमाके

आदित्य की कलम से…. एपिस्टीन फ़ाइल की गूंज बनाम भयंकर धमाके              विदेशी मीडिया द्वारा एपिस्टीन को एक घृणित अपराधी के रूप में बताया...
error: Content is protected !!