हमारी अपील

आब-ओ-हवा को अभी हम लॉक या पेड कंटेंट के रूप में प्रकाशित नहीं कर रहे हैं इसलिए सदस्यता शुल्क का प्रावधान नहीं है। आप अपनी सामर्थ्य एवं आंकलन के हिसाब से वित्तीय सहयोग दे सकते हैं।

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 खाताधारक: आब-ओ-हवा आर्ट्स (AaboHawa Arts)
खाता संख्या: 45203494744
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IFSC कोड: SBIN0012275

प्रिय पाठक

आब-ओ-हवा साहित्य, कला के साथ ही पर्यावरण, स्वास्थ्य जैसे सरोकारों को केंद्र में रखता है। रचनात्मक एवं वैचारिक स्तर पर अपने पाठकों से संवाद करता है। यह स्वतंत्र पत्रकारिता का मंच है, जो दिन-ब-दिन मुश्किल होती जा रही है।

हमें विश्वास है आपका साथ, हमारा सफ़र आसान भले न करे, जारी रखने की हिम्मत ज़रूर देगा। आब-ओ-हवा के मूल्यों/आधारों को समझिए:

वैचारिकता

  • हम स्वतंत्र, जन-पक्षधर एवं प्रगतिशील मूल्यों वाले डिजिटल मंच हैं।
  • कट्टर मार्क्सवादी या कट्टर वामपंथी विचारधारा से हमारी संबद्धता नहीं है।
  • लोक के प्रति तंत्र जवाबदेह है, इस पक्ष में रहते हुए प्रश्न/संवाद के समर्थक हैं।

रचनात्मकता

  • साहित्य, कला के साथ ही परिवेश के सरोकारों को हम केंद्र में रखते हैं।
  • हम भाषाओं, विभिन्न कला क्षेत्रों व समाज के बीच पुल बनाने का विनम्र प्रयास हैं।
  • हम पेड, फ़ेक या ब्रेकिंग न्यूज़ नहीं बल्कि वैचारिक एवं सार्थक कंटेंट के मंच हैं।

प्रबंधन

  • हम विज्ञापन-मुक्त मॉडल हैं अर्थात सरकारों, कॉर्पोरेट या किसी भी थिंकटैंक द्वारा प्रायोजित/फ़ंडेड नहीं हैं।
  • आगे की यात्रा के लिए हम पूरी तरह उन पाठकों पर निर्भर हैं, जो स्वतंत्र व रचनात्मक पत्रकारिता के समर्थक हैं।

यात्रा अब तक

अप्रैल 2024 में आब-ओ-हवा की यात्रा एक सामान्य पीडीएफ़ संस्करण के साथ शुरू हुई थी, जिसने जल्द ही एक ब्लॉगज़ीन की शक्ल ली। कुछ ही महीनों में हमने पीडीएफ़ के साथ ब्लॉग शुरू किया और एक साल बाद aabohawa.org एक डायनमिक पोर्टल के रूप में आया। हर संस्करण/अंक के लिए एक डायरेक्ट टू पोर्टल पीडीएफ़ भी जारी होता है। मई 2026 के अंत तक पोर्टल संबंधी कुछ आंकड़े आपके ध्यानार्थ:

  • aabohawa.org पर 28,000 से अधिक पाठक
  • 1000 से अधिक पाठकीय प्रतिक्रियाएं
  • लगभग 1000 पन्नों का कंटेंट

यात्रा आगे

अब, सफ़र रुकने का नाम नहीं है। हम इस मौलिक, रचनात्मक, सरोकारों के चिंतन से संबद्ध कंटेंट को अन्य प्लेटफ़ॉर्म्स और माध्यमों तक ले जाने के लिए एवं लगातार अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचने के लिए प्रयासरत हैं। ऑडियो, वीडियो कंटेंट एवं सोशल मीडिया पर प्रसार की योजनाएं हैं। स्पष्ट है आब-ओ-हवा का उपक्रम श्रमसाध्य भी है, तन-मन-धन का निवेश भी।

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