गूंज बाक़ी… डॉ. जाफ़र रज़ा संपादित किताब ‘बज़्मे ज़िंदगी:रंगे शायरी’ की भूमिका फ़िराक़ गोरखपुरी (28.08.1896-03.03.1982) ने 12 अक्टूबर 1970 को ‘मैं और मेरी शायरी’ शीर्षक से लिखी थी। भाषा...
प्रो. संजय द्विवेदी की कलम से…. जनसंचार शिक्षा के सामने चुनौतियां शिक्षा का मूल उद्देश्य व्यक्ति को आत्मनिर्भर, संवेदनशील और मूल्यनिष्ठ नागरिक बनाना है।...
‘हिंदी पत्रकारिता के 200 साल’ के संदर्भ में विशेष प्रस्तुति… यह आलेख ‘समग्र भारतीय पत्रकारिता’ ग्रन्थ की समीक्षा नहीं, बल्कि इस नायाब धरोहर के बहाने भारतीय पत्रकारिता के 200...
गूंज बाक़ी… सत्यजीत रे (02.05.1921-23.04.1992) की याद के दिन एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़। 1980 में नैशनल बुक ट्रस्ट से छपी किताब ‘सत्यजीत राय का सिनेमा’, लेखक चिदानंद दास गुप्ता और...