#नयेसुर… इस अंक में नियमित ब्लॉग्स के अलावा जो भी सृजन है, सब बाक़ायदा विद्यार्थियों के द्वारा। इस अंक में चार पीढ़ियों के वो रचनाकार शामिल हैं, जो उम्र...
प्रसंगवश… मूलत: ‘गांधी के जीवनादर्शों का हिंदी सिनेमा पर प्रभाव’ शीर्षक वाले इस लेख में गांधी के विचारों को परदे पर लाती फ़िल्मों का समाजशास्त्रीय विश्लेषण पर्याप्त है। अनहद...
प्रसंगवश… मूलत: ‘हिंद स्वराज और महात्मा गांधी’ शीर्षक वाले इस लेख में गांधी के गहन विचारों का अध्ययन एवं विश्लेषण पर्याप्त गहनता से है। ‘हिन्द स्वराज’ के शताब्दी वर्ष...
गूंज बाक़ी… डॉ. जाफ़र रज़ा संपादित किताब ‘बज़्मे ज़िंदगी:रंगे शायरी’ की भूमिका फ़िराक़ गोरखपुरी (28.08.1896-03.03.1982) ने 12 अक्टूबर 1970 को ‘मैं और मेरी शायरी’ शीर्षक से लिखी थी। भाषा...
प्रो. संजय द्विवेदी की कलम से…. जनसंचार शिक्षा के सामने चुनौतियां शिक्षा का मूल उद्देश्य व्यक्ति को आत्मनिर्भर, संवेदनशील और मूल्यनिष्ठ नागरिक बनाना है।...