अख़बारनवीसी: वे एक सौ अड़सठ साल

पेज 1 से आगे………. राजेश बादल की कलम से…. अख़बारनवीसी: वे एक सौ अड़सठ साल दूसरा खंड उर्फ़ तिलक युग बहरहाल! आगे बढ़ते हैं। तिलक युग की पत्रकारिता याने...

अख़बारनवीसी: वे एक सौ अड़सठ साल

‘हिंदी पत्रकारिता के 200 साल’ के संदर्भ में विशेष प्रस्तुति… यह आलेख ‘समग्र भारतीय पत्रकारिता’ ग्रन्थ की समीक्षा नहीं, बल्कि इस नायाब धरोहर के बहाने भारतीय पत्रकारिता के 200...

जब सिनेमा बेकरार था कि सत्यजीत रे आएं…

गूंज बाक़ी… सत्यजीत रे (02.05.1921-23.04.1992) की याद के दिन एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़। 1980 में नैशनल बुक ट्रस्ट से छपी किताब ‘सत्यजीत राय का सिनेमा’, लेखक चिदानंद दास गुप्ता और...

भारत में महिला पत्रकारिता, एक दस्तावेज़

भारत में महिलाओं की पत्रकारिता के पूरे इतिहास और वर्तमान को दर्ज करती हुई किताब है ‘आधी दुनिया की पूरी पत्रकारिता’। मंगला अनुजा की यह पुस्तक महिला पत्रकारिता के...

अवधूत कौन है?

गूंज बाक़ी… इस शृंखला में साहित्य के पुरखों की अमूल्य धरोहरों का सिंहावलोकन… हज़ारी प्रसाद द्विवेदी (19.08.1907-19.05.1979) लिखित पुस्तक ‘कबीर’ एक संदर्भ ग्रंथ की प्रतिष्ठा रखती है। कबीर के...

अर्द्धनारीश्वर

डॉ. मंगला अनुजा की कलम से…. अर्द्धनारीश्वर              शिव का वह स्वरूप जिसमें उनके शरीर के दाहिने आधे अंग में वे स्वयं तथा बाहिने...

गणतंत्र की हिन्दू राजनीति और राज्यदर्शन को देन

गणतंत्र की हिन्दू राजनीति और राज्यदर्शन को देन               ‘प्राचीन भारत में जनतंत्र’, यह एक पुस्तक नहीं बल्कि जनतंत्र की खोज का दस्तावेज़...
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