सेंसस-2026 के लिए नये वर्ग संघर्ष के कॉलम

व्यंग्य विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. सेंसस-2026 के लिए नये वर्ग संघर्ष के कॉलम              जब समाज का सॉफ्टवेयर अपडेट होता है, तो...

हिंदी पत्रकारिता नहीं, मानसिकता के 200 साल

पेज 1 से आगे………. निबंध अजय शर्मा की कलम से…. हिंदी पत्रकारिता नहीं, मानसिकता के 200 साल             हिंदी पत्रकारिता में “महिला” भी दरअसल...

हिंदी पत्रकारिता नहीं, मानसिकता के 200 साल

हिंदी पत्रकारिता के 200 साल के सफ़र पर यह उड़ती-सी नज़र उस शख़्स की है, जिसने 1996 से 2019 तक सक्रिय तौर पर ज़िले से लेकर राजधानी तक हिंदी...

मेरे भीतर की स्त्री

मेरे हिस्से का क़िस्सा… आब-ओ-हवा पर एक विशेष शृंखला। उम्र और सृजन का यादगार कथानक लिख चुके हस्ताक्षरों की कहानी, उन्हीं की जुबानी। इस सिलसिले में दूसरी दास्तान एक...

चर्चा में दो किताबें

पुस्तक चर्चा विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. चर्चा में दो किताबें            “अलेक्सा, प्ले हिट्स ऑफ़ लता…” ड्रॉइंग रूम के किसी कोने से महज़...

जो है मेरा है, अपने समय का सच है

मेरे हिस्से का क़िस्सा… आब-ओ-हवा पर एक विशेष शृंखला। उम्र और सृजन का बेहतरीन सफ़र कर चुके हस्ताक्षरों की कहानी, उन्हीं की ज़ुबानी। इस सिलसिले की शुरूआत भोपाल के...

राजशक्ति विरोध… टैगोर की चिट्ठी शरतचंद्र के नाम

गूंज बाक़ी… यह महत्वपूर्ण पत्र रबींद्रनाथ ठाकुर उर्फ़ टैगोर ने प्रसिद्ध लेखक शरतचंद्र को लिखा था, जो आब-ओ-हवा के अगस्त 2024 अंक में (‘उम्मीदें’ से साभार) प्रकाशित किया गया...
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