छात्र आंदोलन का मंत्र, निडर नागरिक ही लोकतंत्र

डॉ. आकिब जावेद की कलम से…. छात्र आंदोलन का मंत्र, निडर नागरिक ही लोकतंत्र             “जब युवाओं का विश्वास डगमगाने लगता है, तब समाज...

प्रतिमाएं और स्मृति-राजनीति का एक दशक

महापंडित कहे जाने वाले राहुल सांकृत्यायन (09.04.1893-14.04.1963) की प्रतिमा ध्वस्त किये जाने की घटना के परिप्रेक्ष्य में प्रतिमा-स्थापना एवं ध्वंस की संस्कृति के एक दशक (2016-2026) की पड़ताल निबंध...

ज़रूरत जवाबदेह पत्रकारिता की, यह हो कैसे?

— एल्गोरिदम और प्रो-बिज़नेस नैरैटिव पर आधारित पत्रकारिता का वर्तमान व भविष्य — पत्रकारिता के पतन के लिए ज़िम्मेदार कौन है और किस तरह? — संपादक गुम हुआ और...

सीजेपी: व्यंग्य परंपरा और सत्ता का सफ़र

कॉकरोच जनता पार्टी युवाओं के बीच एक सनसनी की तरह उभरी और सोशल मीडिया पर उसके फ़ॉलोअरों की संख्या दो करोड़ तक जा पहुंची तो केंद्र की भाजपा सरकार...

मध्य-पूर्व में शांति की अधूरी कहानी

डॉ. आकिब जावेद की कलम से…. मध्य-पूर्व में शांति की अधूरी कहानी            “शक्ति वहाँ केंद्रित होती है, जहाँ ज्ञान और संसाधनों पर नियंत्रण होता...

क्या यही है देशभक्ति का नया चेहरा?

उत्तर प्रदेश में अमर शहीदों की धरा पर बलिदान का अपमान हुआ। यह पूरा घटनाक्रम क्या रहा, किस तरह जनभावनाएं भड़कीं और इस पूरे मामले को किस तरह समझा...

एक मंगल-यात्रा के बाद अब मंगलयान-2 से उम्मीदें

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

मोबाइल गेम्स, डार्क इकोनॉमी… रास्ता क्या है?

गाज़ियाबाद की घटना ने डिजिटल डेथ ट्रैप से जुड़े सवाल फिर उठाये हैं। मासूमों की जान जा रही है और गेम संचालक किस तरह का कुत्सित व्यापार कर रहे...
error: Content is protected !!