अवतार कौल: यह क़ाबिल डायरेक्टर याद है आपको?

पुस्तक चर्चा ज़ाहिद ख़ान की कलम से…. अवतार कौल: यह क़ाबिल डायरेक्टर याद है आपको?            हिन्दी सिनेमा में जब भी समानान्तर सिनेमा की बात...

आशा के कमल: रचनाधर्मियों की नज़र में

आशा के कमल: रचनाधर्मियों की नज़र में            हाल ही, स्मृतिशेष हुईं आशा सक्सेना (25.07.1958-08.07.2026) जी के दोहों का संग्रह ‘आशा के कमल’ शीर्षक से...

कबीर के बहाने कई रहस्य समझाते रांगेय राघव

(विधाओं, विषयों व भाषाओं की सीमा से परे … मानवता के संसार की अनमोल किताब -धरोहर- को हस्तांतरित करने की पहल। जीवन को नये अर्थ, नयी दिशा, नयी सोच...

ग़ज़ल की नयी भाषा

गूंज बाक़ी… ‘कवि मिट जाता लेकिन उसका उच्छ्वास अमर हो जाता है’, इस विचार पर केंद्रित हमारी इस शृंखला में इस बार बहुचर्चित, नयी ग़ज़ल के अग्रणी शायर के...

नेहरू मानते थे, लेखक का दर्जा प्रधानमंत्री से बड़ा

पीयूष बबेले की कलम से…. जब नेहरू बोले, लेखक का दर्जा प्रधानमंत्री से बड़ा           नेहरू जी स्‍वतंत्रता सेनानी और राजनेता होने के साथ ही...

ह्यूमनकाइंड: आशावाद का व्यवस्थित इतिहास

(विधाओं, विषयों व भाषाओं की सीमा से परे… मानवता के संसार की अनमोल किताब -धरोहर- को हस्तांतरित करने की पहल। जीवन को नये अर्थ, नयी दिशा, नयी सोच देने...

उर्दू अदब में एक ही मंटो है

गूंज बाक़ी… इस लेख के लेखक उर्दू के मशहूर कहानीकार कृश्न चंदर हैं। यह लेख ‘मंटो साब दोस्तों की नज़र में’ किताब में संकलित है। उर्दू से हिन्दी लिप्यंतरण...

अध्ययन को व्यसन बना देने वाली किताब

(विधाओं, विषयों व भाषाओं की सीमा से परे… मानवता के संसार की अनमोल किताब -धरोहर- को हस्तांतरित करने की पहल। जीवन को नये अर्थ, नयी दिशा, नयी सोच देने...
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