गूंज बाक़ी… ‘कवि मिट जाता लेकिन उसका उच्छ्वास अमर हो जाता है’, इस विचार पर केंद्रित हमारी इस शृंखला में इस बार बहुचर्चित, नयी ग़ज़ल के अग्रणी शायर के...
गूंज बाक़ी… इस लेख के लेखक उर्दू के मशहूर कहानीकार कृश्न चंदर हैं। यह लेख ‘मंटो साब दोस्तों की नज़र में’ किताब में संकलित है। उर्दू से हिन्दी लिप्यंतरण...
लाखों महिलाओं के स्वरोज़गार का संगठन ‘सेवा’ खड़ा करने वाली इला भट्ट के भाषणों का संग्रह हाल ही प्रकाशित हुआ है। नारी सशक्तिकरण और महिलाओं के अधिकारों के पक्ष...