जातिवाद, मुस्लिम समाज में ऊँच-नीच की कहानियां

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. जातिवाद, मुस्लिम समाज में ऊँच-नीच की कहानियां      ‘तश्तरी’ सुहेल वहीद द्वारा संपादित मुस्लिम समाज में जातिगत ऊँच-नीच पर केंद्रित कहानियों...

स्त्री-त्रासदी की शाश्वत गाथा फुलिया…

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. स्त्री-त्रासदी की शाश्वत गाथा फुलिया…        आलोचना और कहानी लेखन के क्षेत्र में अस्मिता सिंह का जाना-माना नाम है। लघु-पत्रिकाओं...

यीशू की कीलें: पर्तों के नीचे दबी सच्चाइयाँ

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. यीशू की कीलें: पर्तों के नीचे दबी सच्चाइयाँ किरण सिंह का कहानी-संग्रह ‘यीशू की कीलें’ 2016 में आधार प्रकाशन से छपा और...

“दौड़”: आर्थिक उदारीकरण और युवा पीढ़ी

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. “दौड़”: आर्थिक उदारीकरण और युवा पीढ़ी          ममता कालिया हमारे समय की वरिष्ठ लेखिका हैं, जिन्होंने हिन्दी कथा-साहित्य को...

क्या कहती हैं पाकिस्तान की इन लेखकों की कहानियां?

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. क्या कहती हैं पाकिस्तान की इन लेखकों की कहानियां?           ‘मसरूफ़ औरत’ दो वर्ष पहले रेख़्ता पब्लिकेशन द्वारा...

ज़रूरी सामाजिक प्रश्न उठाते हैं अवधेश प्रीत

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. ज़रूरी सामाजिक प्रश्न उठाते हैं अवधेश प्रीत             ‘नृशंस’ हमारे समय के प्रतिष्ठित और वरिष्ठ पत्रकार अवधेश...

मैं कौन हूँ! पुराना सवाल नये ढंग से पूछता ‘काकुलम’

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. मैं कौन हूँ! पुराना सवाल नये ढंग से पूछता ‘काकुलम’              भरत प्रसाद का उपन्यास ‘काकुलम’ पिछले...

तीसरा किरदार: कबीर और ग़ालिब के बहाने

नियमित ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. तीसरा किरदार: कबीर और ग़ालिब के बहाने               युवा लेखक सलीम सरमद साहित्य के गंभीर अध्येता...

द्वितीय विश्वयुद्ध का कथानक और आज के संदर्भ

नियमित ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. द्वितीय विश्वयुद्ध के कथानक में आज के संदर्भ                  मेरे एक मित्र ने, जो हमारे...

वर्तमान की विडंबना का आईना है उपन्यास ‘दहन’

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. वर्तमान की विडंबना का आईना है उपन्यास ‘दहन’              प्रतिष्ठित कथाकार हरियश राय का उपन्यास ‘दहन’ पढ़ा,...