‘आख़िरी गीत मुहब्बत का…’ शायराना नग़मों का राजा फ़िल्मी दुनिया में शकील बदायूंनी, मजरूह सुल्तानपुरी, हसरत जयपुरी, साहिर लुधियानवी और कैफ़ी आज़मी जैसे...
मैं तो दरिया हूं, समंदर में उतर जाऊंगा अहमद नदीम क़ासमी एक हरफ़न-मौला अदीब थे। उनके चाहे अफ़साने देख लीजिए, चाहे गज़ल़ें-नज़्में, पंजाब के देहातों की सुंदर अक्कासी...
जनकवि हूं साफ़ कहूंगा क्यों हकलाऊं..? जनता पूछ रही क्या बतलाऊं, जनकवि हूं साफ़ कहूंगा क्यों हकलाऊं बाबा नागार्जुन इन पंक्तियों में स्पष्ट शब्दों में कहते हैं कि वे...