edition 47
  • March 15, 2026
  • आब-ओ-हवा
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edition 47

आब-ओ-हवा – अंक - 47

भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की इस कड़ी में युद्धों के इस समय में एक हस्तक्षेप। शांति के पक्ष में लगातार हमारी आवाज़। स्कूली पाठ्यक्रम में एक अध्याय पर न्यायपालिका की प्रतिक्रिया के बाद कुछ विचार। उर्दू के मुद्दों पर प्रतिष्ठित व वरिष्ठ लेखक ज़किया मशहदी के साथ ख़ास बातचीत। इस अंक से चारु शर्मा का विश्व सिनेमा की ऐतिहासिक कहानियों पर आधारित ब्लॉग। ‘रंग-बिरंगी’ भी ब्लॉग की शक्ल में नियमित। अपने तेवरों के साथ साहित्य, कला, परिवेश पर 15 बेहतरीन ब्लॉग्स– कलाजगत के पुरखों की याद, लेखन और ग़ज़ल की क्लास, किताबों की बातें, कुछ फ़िल्मी यादें और…

प्रसंगवश

फ़न की बात

‘हिंदुस्तान में उर्दू अदब का हाल मायूस करता है’
(ज़किया मशहदी से ग़ज़ाला तबस्सुम की बातचीत)

मुआयना

ब्लॉग : हम बोलेंगे (संपादकीय)
तो क्या शांति बिल्कुल असंभव है?: भवेश दिलशाद

ब्लॉग : बियॉण्ड द ब्रेन
क्या संकट में है हमारी एआई सम्प्रभुता? : ए. जयजीत

ब्लॉग : तत्वान्वेषण
आधुनिक युद्ध और कराहता पर्यावरण : विवेक रंजन श्रीवास्तव

ब्लॉग : Truth in हेल्थ
प्रश्न करना विज्ञान-विरोध नहीं : डॉ. आलोक त्रिपाठी

सिनेमायने

ब्लॉग : 25 बरस 25 फ़िल्में
क्यों ख़ास है ‘हासिल’? : मानस

ब्लॉग : सिनेमा: विश्वकथा
आविष्कारक और का पहला जादूगर : चारु शर्मा

ग़ज़ल रंग

ब्लॉग : जो है सो है
हिंदी ग़ज़ल का ऊटपटांगपन : ज्ञानप्रकाश पांडेय

ब्लॉग : ग़ज़ल: लौ और धुआं
आंखें छीनकर तो रोशनी न दिखायी जाये : आशीष दशोत्तर

किताब कौतुक

ब्लॉग : क़िस्सागोई
समाज में बदलाव की कथा और एक सवाल : नमिता सिंह

ब्लॉग : उर्दू के शाहकार
ग़ालिब को महान बनाने वाली पहली किताब : डॉ. आज़म

सदरंग

ब्लॉग : लेखन क्या है?
लय: अर्थ से पहले का क्रम : डॉ. संजीव

ब्लॉग : कला कोलाज
लोककला में क्या कुछ नया होता ही नहीं? : शम्पा शाह

ब्लॉग : चींटी के पर
बाज़ारों से पहाड़ों तक ‘बर्गन’ के रंग : रति सक्सेना

ब्लॉग : पक्का चिट्ठा
एक अध्ययन: कैरिकेचर और कार्टूनिंग से मीम्स तक : अरुण अर्णव खरे

ब्लॉग : रंग-बिरंगी
नामचीन साहित्यकारों के चुटीले प्रसंग-2 : विवेक मेहता

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