neeta pahadiya, नीता पहाड़िया
पाक्षिक ब्लॉग प्रीति निगोसकर की कलम से....

नीता पहाड़िया... निरंतर कुछ अलग खोजती कलाकार

            हमने इस बार नीता पहाड़िया से बातचीत की है। ‘हिस्ट्री ऑफ़ आर्ट एण्ड कल्चर ऑफ़ चम्बल रीजन’ विषय पर पी.एच.डी. करने वाली और राष्ट्रीय चित्रकला अवॉर्ड से सम्मानित, सामाजिक सरोकार से वाबस्ता एक चहुंमुखी प्रतिभा। अपने प्रखर रंग, ब्रश और सोच से लगातार काम करने वाली शख़्सियत हैं नीता, जो ग्वालियर (मध्यप्रदेश) की एक परिचित हस्ताक्षर हैं।

नीता के चित्र समय के साथ बदलते मौसम की तरह हर बार एक नये रूप रंग और आकारों के साथ एक नये विषय और शैली में सम्मुख होते हैं। कभी फिगर्स के तरह तरह के संयोजन से गैलरी पटी पड़ी रहती है तो कभी पूर्णरूप से अमूर्तन चित्रों की शृंखला लिये वह हमें चौंकाती हैं। देश के हर कोने की राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर की छोटी बड़ी गैलरी में आप चित्र प्रदर्शित कर चुकी हैं। इनकी ख़ासियत यही है कि लगातार काम करती चली आ रही हैं। इनकी ये उर्जा कलाक्षेत्र मे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। चित्रकार एक तरह के ही काम कर अपनी पहचान बनाता है, परंतु ये क़ाबिले तारीफ़ है कि सतत् विविधवर्णी आकार, रंग और शैली मे आप काम करें। रंगों की बात करें तो आपके चित्रों में काॅन्ट्रास्ट कॉम्बिनेशन के साथ एक रंग के शेड्स में भी कई चित्र दिखायी देते हैं।

नीता पहाड़िया के चित्रों की ख़ासियत है विषयानुकूल रंगों का चयन और सही रंगों को सही जगह लगाकर चित्र बनाना। कोई भी रंग अछूता नहीं है, जो इनके कैनवास में दिखायी न देता हो। ये रंगों का मिश्रण करने की जगह कहीं-कहीं उनको अपनी प्रखरता से लगाना पसंद करती हैं। शेप, ग्रीन और आरेंज, ऑकर, ब्लेक, व्हाइट रंगों का इस्तेमाल करते हुए इन्हें मिक्स और प्योर दोनों ही रूपों में उपयोग में लाती हैं।

neeta pahadiya, नीता पहाड़िया

प्रसिद्ध कलाकारों की संगत

नीता पहाड़िया कला के विभिन्न पहलू और चित्रों में बदलते विषय पर नामी कलाकारों की बीच चर्चा करती रही हैं। कलाकार ने वॉटर कलर से चित्रों की शुरूआत की और ऑइल कलर के बाद अब एक्रेलिक में काम करती हैं। ये भी समय के साथ बदलते माध्यमों की कहानी है। अपने समय के साथ प्रयोग भी किये। रियलिस्टिक चित्र बनाये, तब फिगरेटिव कम्पोज़िशन बहुत सशक्त बनाये। वर्तमान में ज्यामितीय आकारों से केनवास पर प्रयोग चल रहे हैं। एक वक्त में टोटल एब्स्ट्रेक्ट चित्र शृंखला भी बनायी, जिसे जहाँगीर गैलरी मुम्बई, भारत भवन, भोपाल में एकल प्रदर्शनी के रूप में प्रदर्शित किया। ज्यामितीय आकारों को प्रमुखता देते चित्रों को भी जयपुर और मुम्बई में एकल प्रदर्शनी में शो किया। हर शहर में आप कई बार अलग-अलग रूपाकारों में बनी चित्रों की एकल प्रदर्शनी करती सफल कलाकार रहीं।

शांति दवे, रामचंद्रन जी, रामकुमार जी इत्यादि बड़े कलाकारों के स्टूडियो में आपने अपनी कलाकृतियां भेंट भी कीं। उन्हें काम करते हुए देखना, रंग कैसे बनाते हैं और उन्हें पैलेट से उठाकर कैनवास पर लगाने की टेक्नीक देखना, प्रेरणा देता है।

कला के गंभीर चिंतन और सृजन के लिए आप पद्मश्री, पद्मभूषण, कला मर्मज्ञ और मूर्धन्य कलाकारों से बातचीत करती हैं जैसे सतीश गुजराल, अकबर पदमसी, शांति दवे, ईला मेनन, भूरी बाई, अर्पणा कौर और विनोद भारद्वाज, प्रयाग शुक्ल इत्यादि। इन मुलाक़ातों से इनके कला सृजन को सहयोग मिलता है। ग्वालियर के दादा कानणे, लुल्ला जी, कुसुम अनवेकर गुरुतुल्य नाम हैं, जिनकी मदद से वे यहाँ तक पहुँचीं।

अनवरत कला साधना के अलावा आप महिला सशक्तिकरण और अपने शहर ग्वालियर को गौरवान्वित करने के लिए लगातार कार्यरत हैं। आपके सम्मानों की लिस्ट लम्बी है, इनमें कुछ हैं- राजस्थान राष्ट्रीय ललित कला रत्न सम्मान, उज्जैन का राष्ट्रीय अभ्युदय पुरस्कार, राष्ट्रीय चित्रकला अवॉर्ड।

neeta pahadiya paintings, नीता पहाड़िया

देश की अंतरराष्ट्रीय कला वीथिकाओं में जैसे मुम्बई, दिल्ली, बैंग्लोर, हैदराबाद, जयपुर, शिमला, भोपाल आदि शहरों में कई-कई बार एकल प्रदशर्नियां लगा चुकी नीता ने ग्वालियर के राजा मानसिंह तोमर विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य भी किया है। वर्तमान में ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय में डी.लिट. कर रही हैं।

प्रीति निगोसकर, preeti nigoskar

प्रीति निगोसकर

पिछले चार दशक से अधिक समय से प्रोफ़ेशनल चित्रकार। आपकी एकल प्रदर्शनियां दिल्ली, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, पुणे, बेंगलुरु आदि शहरों में लग चुकी हैं और लंदन के अलावा भारत में अनेक स्थानों पर साझा प्रदर्शनियों में आपकी कला प्रदर्शित हुई है। लैंडस्केप से एब्स्ट्रैक्शन तक की यात्रा आपकी चित्रकारी में रही है। प्रख्यात कलागुरु वि.श्री. वाकणकर की शिष्या के रूप में उनके जीवन पर आधारित एक पुस्तक का संपादन, प्रकाशन भी आपने किया है। इन दिनों कला आधारित लेखन में भी आप मुब्तिला हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!