अली अब्बास उम्मीद के मिसरों पर कहे गये शेर

अली अब्बास उम्मीद के मिसरों पर कहे गये शेर             भोपाल। उस्ताद शायर ज़फ़र सहबाई की सदारत में “सुख़न-सराए” भोपाल के ज़ेरे-एहतमाम ब-यादे डॉक्टर...

अमेरिका: पार्किंग का चक्रव्यूह

विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।...

पेंटर उकेरता यादें और फोटोग्राफर क्षणभंगुरता!

पेंटर उकेरता यादें और फोटोग्राफर क्षणभंगुरता!              चंडीगढ़। छायाकार विरले क्षणों का सौदागर और पेन्टर होता स्मृतियों का सौदाई, संवेदनशील द्वय रचते हैं निःशब्द...

प्रेमचंद की अल्पचर्चित कहानियां: नया नज़रिया

पुस्तक चर्चा डॉ. अस्मिता सिंह की कलम से…. प्रेमचंद की अल्पचर्चित कहानियां: नया नज़रिया            “प्रेमचंद की अल्पचर्चित कहानियाँ”, हिन्दी के अन्यतम आलोचक आनंद प्रकाश...

साठोत्तरी साहित्य: विद्रोही चेतना, विमर्श और द्वंद्व

नोट्स विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. साठोत्तरी साहित्य: विद्रोही चेतना, विमर्श और द्वंद्व             साठोत्तरी साहित्य भारतीय रचनाकाल का वह कालखंड है, जो...

रब्त

हास्य-व्यंग्य मुदित रेवातटी की कलम से…. रब्त             परसों बड़ी मेहनत से ग़ज़ल कहने की कोशिश की। जैसे ही मुक़म्मल हुई, फटाक से जाकर...

उत्तराखंड में नफ़रत के ख़िलाफ़ मोर्चा

भारत को जो हिस्सा प्राकृतिक सुंदरता का गढ़ है, वहां राजनीति की कुरूपता भयावह हो रही है! उत्तराखंड में हाल ही हुई चर्चित सांप्रदायिक घटना के बाद प्रेस के...

मोबाइल गेम्स, डार्क इकोनॉमी… रास्ता क्या है?

गाज़ियाबाद की घटना ने डिजिटल डेथ ट्रैप से जुड़े सवाल फिर उठाये हैं। मासूमों की जान जा रही है और गेम संचालक किस तरह का कुत्सित व्यापार कर रहे...

दलाई लामा के मेडिटेशन को ग्रैमी अवॉर्ड

मनोरंजन जगत के शीर्ष पुरस्कारों में से एक आध्यात्मिक गुरु को क्यों और कैसे मिला? चीन इससे क्यों बौखला गया? और स्टीवन स्पीलबर्ग भी क्यों ग्रैमी पुरस्कार समारोह की...
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