मासिक ब्लॉग निशांत कौशिक की कलम से…. टिस्का की ‘चटनी’ और साकी की ‘दि ओपन विंडो’ इतालवी उपन्यासकार और गद्यकार उम्बर्तो एको ने कहा था, ज़िंदा रहने के लिए...
21वीं सदी के 25 वर्षों में से वो 25 भारतीय फ़िल्में, जो एक टर्निंग पॉइंट साबित हुईं। एक युवा फ़िल्मकार की दृष्टि से चयन और इन फ़िल्मों का दस्तावेज़ीकरण…...