भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की इस कड़ी में आज़ादी के दिन के मौक़े पर प्रचुर सामग्री। साहित्य, कला, शिक्षा आदि से संबद्ध अधिकतर नियमित ब्लॉग्स में इस बार 15 अगस्त के संदर्भ का समावेश है। हां, रंग और तेवर सबका अपना-अपना ही है। 1975 एकाधिक महत्वपूर्ण फ़िल्मों का वर्ष रहा और शोले तो 15 अगस्त पर ही सिनेमाघरों में आयी थी। इस संदर्भ से एक विस्तृत लेख। आख़िरश, भारत के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या विभाजन की त्रासदी थी, इसी याद में एक अविस्मरणीय कविता का अनुवाद…