
- March 31, 2026
- आब-ओ-हवा
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आब-ओ-हवा – अंक - 48
भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की इस कड़ी में शांति के हक़ में निरंतर आवाज़। कार्टून मूवमेंट से ओसवाल का कार्टून साभार, जो सोशल मीडिया के युद्ध कवरेज को लेकर तंज़ करता है। मीडिया की भूमिका पर निबंध और कुछ ब्लॉग्स के केंद्र में युद्ध बनाम शांति विचार। फ़लीस्तीन की फ़िल्म संबंधी राजनीति पर चर्चा तो फ़लीस्तीन से कविताएं भी। यूपी में क्रांतिकारियों की प्रतिमाएं तोड़ने पर ग्राउंड रिपोर्ट तो सोनम वांगचुक के आंदोलन पर चिंतन। अपने तेवरों के साथ साहित्य, कला, परिवेश पर 15 बेहतरीन ब्लॉग्स-कलाजगत के पुरखों की याद, लेखन और ग़ज़ल की क्लास, किताबों की बातें, कुछ फ़िल्मी यादें और…
प्रसंगवश
युद्ध और मीडिया की भूमिका: डॉ. आक़िब जावेद
ममतालु अकादमी: अजित कुमार राय
फ़िलिस्तीनी कवि नजवान दरविश की कविताएं: श्रीविलास सिंह
क्या यही है देशभक्ति का नया चेहरा?: सुयश सिन्हा
मुआयना
ब्लॉग : हम बोलेंगे (संपादकीय)
कितनी फ़िल्मी है हमारी डिप्लोमैसी!: भवेश दिलशाद
ब्लॉग : बियॉण्ड द ब्रेन
सॉफ़्टवेयर कोडिंग को ‘श्रद्धांजलि’! क्या सच में?: ए. जयजीत
ब्लॉग : तत्वान्वेषण
लद्दाख की आह और सोनम वांगचुक की आवाज़: विवेक रंजन श्रीवास्तव
ब्लॉग : Truth in हेल्थ
HPV वैक्सीन और फर्टिलिटी: रिपोर्ट्स व दावे: डॉ. आलोक त्रिपाठी
सिनेमायने
ब्लॉग : 25 बरस 25 फ़िल्में
रंग दे बसंती: समाज व लोकतंत्र की ताकत: मानस
ब्लॉग : सिनेमा: विश्वकथा
क्रांति थी पहली कथा-फ़िल्म.. उसी की कहानी: चारु शर्मा
ग़ज़ल रंग
ब्लॉग : जो है सो है
सुल्तान अहमद: ख़ूबियां बनाम ख़ामियां: ज्ञानप्रकाश पांडेय
ब्लॉग : ऱाज़ल: लौ और धुआं
हो जंग भी अगर तो मज़ेदार जंग हो: आशीष दशोत्तर
किताब कौतुक
ब्लॉग : क़िस्सागोई
फकीरा: एक जननायक की गाथा: नमिता सिंह
ब्लॉग : उर्दू के शाहकार
इक़बाल का तराना बांगे-दरा है गोया: डॉ. आज़म
सदरंग
ब्लॉग : लेखन क्या है?
लेखन निर्णय नहीं, आत्म-खोज है: डॉ. संजीव
ब्लॉग : तह-दर-तह
आज अमेरिका और टू किल अ मॉकिंगबर्ड: निशांत कौशिक
ब्लॉग : चींटी के पर
शान्ति के प्रदेश ओस्लो में: रति सक्सेना
ब्लॉग : पक्का चिट्ठा
लोकसाहित्य में व्यंग्य परंपरा और स्वरूप: अरुण अर्णव खरे
ब्लॉग : रंग-बिरंगी
नामचीन साहित्यकारों के रोचक कटाक्ष-3: विवेक मेहता
