
मनोरंजन जगत के शीर्ष पुरस्कारों में से एक आध्यात्मिक गुरु को क्यों और कैसे मिला? चीन इससे क्यों बौखला गया? और स्टीवन स्पीलबर्ग भी क्यों ग्रैमी पुरस्कार समारोह की ख़ास सुर्ख़ियों में रहे?
दलाई लामा के मेडिटेशन को ग्रैमी अवॉर्ड
“मैं इस सम्मान को कृतज्ञ और विनम्र भाव से स्वीकार करता हूँ। मेरी दृष्टि में यह व्यक्तिगत नहीं बल्कि हमारे साझा वैश्विक दायित्व को मान्यता है। वास्तव में, हम सभी आठ अरब इंसानों की सामूहिक भलाई के लिए शांति, दया, पर्यावरण की देखभाल और इंसानियत की एकता की समझ अनिवार्य है, यह मेरा विश्वास रहा है। मैं ग्रैमी सम्मान का आभारी हूं कि इन संदेशों को और फैलाने में इससे सहयोग मिल सकेगा।”
दलाई लामा ने ये शब्द उस पल के बाद प्रसारित किये, जब 68वें ग्रैमी पुरस्कार समारोह में सर्वश्रेष्ठ आडियोबुक श्रेणी के लिए विजेता घोषित किया गया। 2 फरवरी 2026 को हुई इस घोषणा के बाद सबसे अधिक जिज्ञासा यही है कि इस आडियोबुक को कहां और कैसे सुना जा सकता है, इसमें तत्व क्या है और दलाई लामा को यह पुरस्कार क्यों व कैसे मिला?
सबसे पहले तो यह आडियोबुक ‘मेडिटेशन’ दलाई लामा के संदेशों/विचारों को श्रेणीबद्ध करते हुए प्रस्तुत की गयी है। हृदय, एक्य, दया, जल, मन, स्वास्थ्य, शांति जैसे अध्यायों में वर्गीकृत इस बुक में आप दलाई लामा के विचार संक्षेप में सुन सकते हैं। कहां? स्पॉटिफ़ाई ऐप पर इसे मुफ़्त में सुना जा सकता है। इसके अलावा ऐमेज़ॉन या ऐप्पल जैसे प्लेटफ़ॉर्म्स पर भी यह उपलब्ध है।
‘मेडिटेशन’ का सार
इस आडियोबुक में दलाई लामा संक्षेप में अपने उन विचारों को रखते हैं जो मानवता और प्रकृति के परस्पर संबंध को समझाते हैं। जैसे वह शुरूआती अध्यायों में प्रकृति को मां निरूपित करते हुए कहते हैं कि मां के बग़ैर आपके जीवन की कल्पना निराधार है। बाद के अध्यायों में वह जल के प्राकृतिक स्रोतों के संरक्षण, पर्यावरण की अन्य चिंताओं और मानवता की अन्य चुनौतियों का ज़िक्र करते हुए आने वाली पीढ़ियों को संबोधित करते हैं।
इस आडियोबुक को सुनने पर यह भी अनुभव होता है कि सच्चा सुख या आनंद बाहरी परिस्थितियों से प्राप्त नहीं होता बल्कि अंदरूनी अनुशासन, ध्यान और दूसरों के प्रति दया जैसे भावों में इसका रहस्य छुपा हुआ है।
दलाई लामा को ग्रैमी मिलना
आडियोबुक ‘मेडिटेशन’ को सिर्फ़ दलाई लामा के विचारों या आवाज़ के साथ ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संगीतज्ञों की भागीदारी के साथ प्रस्तुत किया गया। भारतीय शास्त्रीय संगीत के महारथी उस्ताद अमजद अली ख़ान और उनके बेटों अमान व अयान अली बंगश ने मिलकर इस किताब के लिए पार्श्व संगीत रचना की। 2025 में जारी हुई इस किताब को सुनने में यह संगीत एक परा अनुभव देता है। इसे सुनते हुए श्रोता ध्यान और अध्यात्म के विश्व के किसी प्रभामंडल को अपने आसपास महसूस करने लगते हैं।

दलाई लामा के लिए यह पुरस्कार समारोह के मंच पर पश्चिमी संगीतकार रुफ़ुस वैनराइट ने ग्रहण किया, जो इस आडियोबुक प्रोजेक्ट में जुड़े रहे। उनके अलावा मैगी रॉजर्स, एंड्रा डे जैसे पश्चिमी गायकों ने भी इस प्रोजेक्ट के लिए अपना स्वर दिया है। इस आडियोबुक के निर्माता कबीर सहगल के हवाले से विभिन्न समाचारों में लिखा गया है कि अंतरराष्ट्रीय कलाकारों को इरादतन इस प्रोजेक्ट में जोड़ा गया ताकि दलाई लामा की वैचारिकी को ध्वनि की दुनिया में लाया जा सके। वह भी इस तरह कि इसका वैचारिक मूल्य बरकरार रहे और इसमें एक सांगीतिक अनुभव भी जुड़ जाये।
चीन की प्रतिक्रिया
चीन विदेश मंत्रालय में प्रवक्ता लिन जियान के हवाले से ख़बरों में है कि कला पुरस्कारों को चीन विरोधी राजनीतिक षडयंत्रकारी एजेंडों के उपकरणों की तरह इस्तेमाल किये जाने का चीन विरोध करता है। बता दें कि दलाई लामा से चीन का विरोध पुराना रहा है। चीन ने हमेशा तिब्बत को अपना हिस्सा बताया है, जबकि दलाई लामा तिब्बत की स्वतंत्रता के पक्षधर रहे हैं। कई ऐतिहासिक दस्तावेज़ कहते हैं कि दलाई लामा के लगातार आंदोलनों के कारण चीन उनकी जान का दुश्मन रहा इसलिए दशकों पहले दलाई लामा ने भारत में शरण ली थी। तबसे वह हिमाचल प्रदेश स्थित धर्मशाला में रहते हैं।
उम्र के 90 साल पूरे कर चुके दलाई लामा 1959 से अपने वतन तिब्बत से दूर निर्वासन की पीड़ा झेल रहे हैं जबकि चीन उन्हें विद्रोही और अलगाववादी मानता और कहता रहा है। ‘मेडिटेशन’ को ग्रैमी की घोषणा के बाद चीन ने एक बार फिर दलाई लामा के विरुद्ध अपने पुराने स्टैंड को ही दोहराया।
स्पीलबर्ग को भी पहली बार ग्रैमी
90 बरस की उम्र में दलाई लामा के पहली बार ग्रैमी विजेता होने की चर्चाओं के बीच कलाजगत में यह चर्चा भी है कि प्रसिद्ध फ़िल्मकार स्टीवन स्पीलबर्ग को भी पहली बार ग्रैमी पुरस्कार मिला है। 79 वर्षीय स्पीलबर्ग को ‘म्यूज़िक फ़ॉर जॉन विलियम्स’ शीर्षक वाले वृत्तचित्र के लिए यह पुरस्कार मिला है। यह डॉक्युमेंट्री ग्रैमी समारोह में सर्वश्रेष्ठ म्यूज़िक फ़िल्म श्रेणी में विजेता रही।
स्पीलबर्ग इस ग्रैमी पुरस्कार के विजेता होने के साथ ही एक अनूठे क्लब में शामिल हो गये हैं, जिसमें अब तक दुनिया भर के केवल 22 कलाकार शामिल हैं। इसे EGOT क्लब कहा जाता है, जिसमें हर अक्षर का अर्थ एक प्रतिष्ठित पुरस्कार से है। यानी ऐमी, ग्रैमी, ऑस्कर और टोनी पुरस्कार। ऑनरेरी अवॉर्ड को भी जोड़ लिया जाये तो मनोरंजन जगत के ये चारों पुरस्कार पाने वालों की सूची में कुल 28 कलाकारों का नाम शामिल हो जाता है।
