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(न्यूयॉर्क से आंखों देखी) विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से....

रोबोट फ़ाइट: जेन‑ज़ी का क्रेज़ या एक विज़न

             वर्तमान में NHRL (National Havoc Robot League) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध कॉम्बैट रोबोट प्रतियोगिता लीग है, जिसने रोबोट फ़ाइट को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक गंभीर “टेक‑स्पोर्ट” और आधुनिक तकनीकी शिक्षा के प्रभावी माध्यम के रूप में स्थापित कर दिया है। हाल ही आयोजित रोबोट फ़ाइट जैसे आयोजन को ठीक से समझने के लिए NHRL के इतिहास, उद्देश्य, तकनीकी-सामाजिक महत्व और भविष्य की संभावनाओं को समग्र दृष्टि से देखना आवश्यक हो जाता है।

National Havoc Robot League की शुरूआत 2018 के आसपास उस समय हुई, जब उद्यमी ऑस्टिन मैककॉर्ड ने अपनी पूर्व कंपनी से अलग होकर कॉम्बैट रोबोटिक्स को संगठित और व्यापक खेल के रूप में विकसित करने का निश्चय किया। शुरूआती दौर में यह प्रतियोगिता सीमित स्तर पर, कुछ दर्जन रोबोटों और उत्साही इंजीनियरों तक सीमित थी, परंतु कुछ ही वर्षों में यह सैकड़ों रोबोटों, बहुराष्ट्रीय टीमों और विशाल दर्शक-वर्ग वाली वैश्विक लीग में बदल गयी। 2021 के बाद इसके स्थायी मुख्यालय के रूप में अमेरिका के कनेक्टिकट राज्य के नॉरवॉक में एक विशेष परिसर विकसित किया गया, जहाँ सुरक्षित एरेना, कार्यशालाएँ और रोबोटिक्स से जुड़ी प्रदर्शनी जैसी सुविधाएँ निर्मित की गयीं। समय के साथ 3‑पाउंड, 12‑पाउंड और 30‑पाउंड जैसे अलग-अलग वज़न वर्ग तैयार हुए और सालाना विश्व‑चैंपियनशिप इस लीग की पहचान बन गयी।

कार्यप्रणाली की दृष्टि से NHRL वर्ष भर में कई राउंड आयोजित करता है, जिन्हें क्वालिफाइंग टूर्नामेंट कहा जा सकता है। इन राउंड में जो टीमें और उनके रोबोट सफल होते हैं, उन्हें वर्ष के अंत में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में प्रवेश मिलता है। 2025 के सत्र में भी अनेक क्वालिफाइंग राउंड के बाद दिसंबर में नॉरवॉक स्थित मुख्य एरेना में ओपन वर्ल्ड चैंपियनशिप रखी गयी, जहाँ विभिन्न महाद्वीपों से आयी टीमें अपने रोबोटों के साथ हिस्सा ले रही हैं। कल की रोबोट फ़ाइट को इसी व्यापक सत्र की एक कड़ी के रूप में देखा जा सकता है, जिसमें दिन भर अलग-अलग वज़न वर्गों के रोबोट योजनाबद्ध समय-सारणी के अनुसार भिड़ते हैं, और इन मुक़ाबलों का सीधा प्रसारण इंटरनेट प्लेटफ़ॉर्मों पर किया जाता है। दर्शकों के लिए लाइव मैचों के साथ‑साथ फूड ट्रक, इंटरैक्टिव डेमो, बच्चों और युवाओं के लिए “रोबोट को चलाकर देखने” जैसे अनुभव इस आयोजन को एक सम्पूर्ण टेक‑फ़ेस्ट का रूप दे देते हैं।

NHRL का घोषित उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि कॉम्बैट रोबोटिक्स को दुनिया की “सबसे प्रतिस्पर्धी और सर्वसुलभ” रोबोट लीग बनाना है। इसीलिए भागीदारी की प्रक्रिया को अपेक्षाकृत सरल और किफ़ायती रखा जाता है, ताकि छात्र, शौकिया इंजीनियर, स्टार्ट‑अप टीमें और स्वतंत्र मेकर‑स्पेस भी इसमें शामिल हो सकें।

विद्यार्थियों के लिए बड़ा अवसर

यह लीग खुद को STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा के प्रोत्साहन से भी जोड़ती है; विभिन्न सत्रों में यह संस्था स्कूलों, विश्वविद्यालयों और शैक्षिक संगठनों को अनुदान, उपकरण और मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे रोबोटिक्स लैब, प्रोजेक्ट‑आधारित शिक्षण और मेंटरशिप कार्यक्रम विकसित हो सकें। इस प्रकार NHRL का स्वरूप केवल खेल या तमाशे का नहीं, बल्कि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार से गहरे रूप से जुड़ा हुआ है।

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तकनीकी स्तर पर कॉम्बैट रोबोटिक्स प्रतियोगिताएँ एक तरह की जीवंत प्रयोगशाला का कार्य करती हैं। प्रतिभागियों को निर्धारित वज़न, आकार और सुरक्षा मानकों की सीमा के भीतर अधिकतम कुशल, टिकाऊ, तेज और रणनीतिक रूप से सक्षम रोबोट बनाना पड़ता है। इस प्रक्रिया में मैकेनिकल डिज़ाइन, मटेरियल साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोटर‑कंट्रोल, बैटरी प्रबंधन, एंबेडेड सिस्टम और सॉफ्टवेयर एल्गोरिद्म तक अनेक पक्ष एक साथ समाहित होते हैं। रिंग के भीतर होने वाली हर भिड़ंत के पीछे दर्जनों डिज़ाइन‑निर्णय, परीक्षण, विफलताएँ और सुधार छिपे होते हैं, जो युवा इंजीनियरों और छात्रों को वास्तविक दुनिया की समस्याओं से जूझने की व्यावहारिक आदत सिखाते हैं। सामाजिक दृष्टि से भी NHRL जैसे मंच सहयोग, टीम‑वर्क, समय‑प्रबंधन, जोखिम‑मूल्यांकन और नैतिक प्रतिस्पर्धा की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं, साथ ही तकनीक को भय या दूरी की भावना के बजाय रचनात्मकता और आनंद से जोड़ते हैं।

भविष्य और चुनौतियां

भविष्य की दृष्टि से NHRL के सामने एक ओर खेल के व्यावसायिक विस्तार की संभावनाएँ हैं और दूसरी ओर शैक्षिक संस्थानों के साथ गहरे एकीकरण की चुनौतियाँ। एक तरफ़ यह लीग मुख्यधारा के खेल और ई‑स्पोर्ट की तरह बड़े प्रसारण नेटवर्क, प्रायोजकों और अंतरराष्ट्रीय टूरनमेंट संरचनाओं की ओर बढ़ सकती है; दूसरी तरफ़ स्कूल‑कॉलेज पाठ्यक्रमों के भीतर इसे प्रायोगिक शिक्षा के मॉडल के रूप में समाहित किया जा सकता है।

बढ़ती ऑनलाइन दर्शक‑संख्या और लगातार “सोल्ड आउट” हो रहे कार्यक्रमों से स्पष्ट है कि लोकप्रियता और व्यावसायिक अवसर दोनों बढ़ रहे हैं। परंतु इसके समानांतर सुरक्षा मानकों को निरंतर अद्यतन रखना, पर्यावरण के अनुकूल सामग्री और ऊर्जा‑प्रयोग पर ध्यान देना, और केवल विनाशकारी प्रदर्शन से आगे बढ़कर रचनात्मक एवं उपयोगी इंजीनियरिंग समाधान को केंद्र में लाना जैसी चुनौतियाँ भी मौजूद हैं। यदि NHRL इन बिंदुओं के संतुलित समाधान खोज लेता है, तो कल आयोजित रोबोट फ़ाइट जैसे कार्यक्रम आने वाले वर्षों में तकनीक, शिक्षा और खेल—इन तीनों के संगम के प्रतीक बनकर उभर सकते हैं और अगली पीढ़ी के नवोन्मेषी वैज्ञानिकों व इंजीनियरों को तैयार करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

विवेक रंजन श्रीवास्तव, vivek ranjan shrivastava

विवेक रंजन श्रीवास्तव

सेवानिवृत मुख्य अभियंता (विद्युत मंडल), प्रतिष्ठित व्यंग्यकार, नाटक लेखक, समीक्षक, ई अभिव्यक्ति पोर्टल के संपादक, तकनीकी विषयों पर हिंदी लेखन। इंस्टीट्यूशन आफ इंजीनियर्स के फैलो, पोस्ट ग्रेजुएट इंजीनियर। 20 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित। हिंदी ब्लॉगर, साहित्यिक अभिरुचि संपन्न, वैश्विक एक्सपोज़र।

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