‘दिवास्वप्न’ के लिए शिक्षकों के लिखे पत्रों की किताब जल्द

‘दिवास्वप्न’ के लिए शिक्षकों के लिखे पत्रों की किताब जल्द बांदा। विद्यालयों को एक ऐसा स्थल कैसा बनाया जाये, जहां शिक्षा देना और लेना एक बोझिल काम नहीं बल्कि...

मौलाना आज़ाद: आईआईटी, आईआईएम, अकादमियों के जनक

राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर विशेष तौर से ​पढ़िए भारतीय शिक्षा व्यवस्था में अबुल कलाम आज़ाद का योगदान प्रमोद दीक्षित मलय की कलम से…. मौलाना आज़ाद: आईआईटी, आईआईएम, अकादमियों के...

हर दौर का आईना – राग दरबारी

(विधाओं, विषयों व भाषाओं की सीमा से परे.. मानवता के संसार की अनमोल किताब -धरोहर- को हस्तांतरित करने की पहल। जीवन को नये अर्थ, नयी दिशा, नयी सोच देने...

साहित्य, समाज, सिनेमा और किन्नर

डॉ. बबीता गुप्ता की कलम से…. साहित्य, समाज, सिनेमा और किन्नर              परिवार से उपेक्षित, समाज से परित्यक्त मुख्यधारा से विलग हाशिये पर रखा...

बराबरी के सपने से ‘ज़्यादा बराबरी’ वाली हकीकत–एनिमल फार्म

जॉर्ज ऑरवेल ने एनिमल फ़ार्म का लेखन नवंबर 1943 में शुरू किया था और फरवरी 1944 में संपन्न। दूसरा विश्वयुद्ध रुकते ही 17 अगस्त 1945 में यह पहली बार...

पंडित रतननाथ सरशार एक क़लंदर क़लमकार

गूंज बाक़ी… पिछली पीढ़ियों के यादगार पन्ने हर गुरुवार। पं. रतननाथ सरशार का नाम उर्दू गद्य के पुरोधाओं में लिया जाता है। उनके जीवन व सृजन पर ‘क़लंदर क़लमकार’...

ऋत्विक घटक: सिनेमा की एक भाषा का नाम

महान फ़िल्मकार ऋत्विक घटक की जन्म शताब्दी का भी अवसर है और उनके गुज़रने की अर्धशती का भी। इस समय वे कितने प्रांसगिक हैं, उन्हें क्यों और कैसे याद...
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