
वाचन का दूसरा वार्षिकोत्सव
एक छोटा-सा रचनात्मक समूह, जो कर्नाटक राज्य में हिंदी भाषा की सेवा में सतत कार्यरत है, ने अपना द्वितीय वार्षिकोत्सव बड़े ही धूम-धाम और हर्षोल्लास से मनाया। इस समारोह में “वाचन” समूह की दूसरी पुस्तक “सृजन-2” का विमोचन सेवानिवृत्त जस्टिस विकाश जैन के कर कमलों द्वारा किया गया। इस वार्षिक समारोह में न केवल कविताओं की उपस्थिति थी बल्कि साहित्य प्रेमियों ने एक नाटिका का मंचन भी किया।
कार्यक्रम का संचालन श्री सतेंद्र शर्मा द्वारा रोचक तरीके से किया गया। उन्होंने मुक्ताकाश सभागार में उपस्थित दर्शकगण को अंत तक बाँधे रखा। इससे पहले सर्वप्रथम, दीप प्रज्ज्वलन श्री सुनील पंवार “वारी” (जाने-माने कवि/शायर) के द्वारा किया गया। फिर वाचन समूह से संबद्ध लेखकों, कवियों ने स्वरचित रचनाओं की प्रस्तुति दी। मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ मूल की चर्चित लेखक/कवि मधु सक्सेना की रचनाओं की सरस प्रस्तुति का करतल ध्वनि से स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में किसी ने मार्मिक, तो किसी ने दर्शन, तो किसी ने व्यंग्य प्रधान रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। इस कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी, वाचन और नाटिका ने पूरे माहौल को एक रचनात्मक उष्मा से सराबोर कर दिया।

यह समूह “वाचन” पूर्वा वेनेज़िया कॉलोनी, बेंगलुरु में हर महीने की पहली शुक्रवार संध्या को गोष्ठी का आयोजन करता है। लोग उत्साह के साथ भाग लेते हैं और प्रसिद्ध लेखकों/कवियों की रचनाओं का पाठ करते हैं, विश्लेषण करते हैं। इसके साथ ही सदस्य अपनी रचनाओं को भी प्रस्तुत करते हैं और उन रचनाओं पर भी विचार विमर्श किया जाता है। यह सिलसिला अनवरत चलता जा रहा है।
इस समूह की नींव श्रीमती वर्षा जैन और श्रीमति नमिता चौधरी ने दो वर्ष पूर्व 4 अप्रैल 2024 को रखी थी। लोग धीरे-धीरे जुड़ते गये और “वाचन” एक सामूहिक मंच एवं सृजनशीलता का पर्याय बनता चला गया। यह साहित्यिक, सांस्कृतिक समारोह पूर्वा वेनेज़िया वासियों की स्मृति में एक अविस्मरणीय सन्ध्या की तरह दर्ज हो गया।
— विज्ञप्ति
