January 26, 2026 आब-ओ-हवा आलेख गणतंत्र की हिन्दू राजनीति और राज्यदर्शन को देन गणतंत्र की हिन्दू राजनीति और राज्यदर्शन को देन ‘प्राचीन भारत में जनतंत्र’, यह एक पुस्तक नहीं बल्कि जनतंत्र की खोज का दस्तावेज़... और पढ़े
January 15, 2026 आब-ओ-हवा आलेख कृतित्व के आईने में ज्ञानरंजन ‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक... और पढ़े
December 31, 2025 आब-ओ-हवा आलेख यतींद्रनाथ राही: विशाल अनुभव, अलग अंदाज़ व दृष्टि अनामिका सिंह अना की कलम से…. यतींद्रनाथ राही: विशाल अनुभव, अलग अंदाज़ व दृष्टि कैसा सुखद योग है कि 31 दिसम्बर 2025 को... और पढ़े
December 30, 2025 आब-ओ-हवा आलेख कब तक दुष्यंत की पीठ खुजाएगी ‘हिंदी ग़ज़ल’? आलोचना ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. कब तक दुष्यंत की पीठ खुजाएगी ‘हिंदी ग़ज़ल’? मैं जानता हूँ दुष्यंत पर कुछ भी निगेटिव लिखकर... और पढ़े
December 22, 2025 आब-ओ-हवा आलेख रामानुजन… शून्य से ‘शून्य’ के रहस्य तक गणित दिवस पर प्रमोद दीक्षित मलय की कलम से…. रामानुजन… शून्य से ‘शून्य’ के रहस्य तक लेख का आरम्भ आज से लगभग 125... और पढ़े
November 30, 2025 आब-ओ-हवा आलेख वास्तविक डेमोक्रैसी तभी जब डेमोग्राफी सायास न बदले विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. वास्तविक डेमोक्रैसी तभी जब डेमोग्राफी सायास न बदले लोकतंत्र का आधार “जनता के लिए, जनता के द्वारा,... और पढ़े
November 27, 2025 आब-ओ-हवा आलेख गुफ़्तगू पर गुफ़्तगू: मजरूह सुल्तानपुरी के इंटरव्यू पर गूंज बाक़ी… मजरूह सुल्तानपुरी ने पाकिस्तान में एक इंटरव्यू दिया। फिर डॉक्टर हनफ़ी ने एक लेख लिखा और खुलकर कहा कि मजरूह ने बड़बोलापन दिखाया। यह लेख माहनमा ‘शायर’... और पढ़े
November 12, 2025 आब-ओ-हवा आलेख उर्दू शायरी में भारतीयता – भाग दो 9 नवंबर को विश्व उर्दू दिवस मनाया गया। यह लंबा लेख आब-ओ-हवा के पाठकों के लिए ख़ास तौर से। यह चर्चित लेख लेखक ने उपलब्ध करवाया है, जो 2009... और पढ़े
November 12, 2025 आब-ओ-हवा आलेख उर्दू शायरी में भारतीयता – भाग एक 9 नवंबर को विश्व उर्दू दिवस मनाया गया। यह लंबा लेख आब-ओ-हवा के पाठकों के लिए ख़ास तौर से। यह चर्चित लेख लेखक ने उपलब्ध करवाया है, जो 2009... और पढ़े
November 8, 2025 आब-ओ-हवा आलेख साहित्य, समाज, सिनेमा और किन्नर डॉ. बबीता गुप्ता की कलम से…. साहित्य, समाज, सिनेमा और किन्नर परिवार से उपेक्षित, समाज से परित्यक्त मुख्यधारा से विलग हाशिये पर रखा... और पढ़े