गूंज बाक़ी… मजरूह सुल्तानपुरी ने पाकिस्तान में एक इंटरव्यू दिया। फिर डॉक्टर हनफ़ी ने एक लेख लिखा और खुलकर कहा कि मजरूह ने बड़बोलापन दिखाया। यह लेख माहनमा ‘शायर’...
गूंज बाक़ी… पिछली पीढ़ियों के यादगार पन्ने हर गुरुवार। पं. रतननाथ सरशार का नाम उर्दू गद्य के पुरोधाओं में लिया जाता है। उनके जीवन व सृजन पर ‘क़लंदर क़लमकार’...