Edition-43
  • January 15, 2026
  • आब-ओ-हवा
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Edition-43

आब-ओ-हवा – अंक - 43

भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की इस कड़ी में मुख्य रूप से ​महत्वपूर्ण साहित्यकार ज्ञानरंजन पर फ़ोकस। ग़ज़ल के चर्चित हस्ताक्षर गोविंद गुलशन की याद को संजोने की भी एक कोशिश। इस अंक से आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, पर्यावरणीय चिंतन और सिनेमा पर तीन नये ब्लॉग। कविता की प्रक्रिया समझाता एक संवाद और हाल ही एक कुलपति के निंदनीय बर्ताव से हिंदी साहित्य के गलियारों में बन रही आब-ओ-हवा का जाएज़ा भी। साहित्य, कला, स्वास्थ्य आदि से संबद्ध नियमित ब्लॉग्स अपने तेवर और मिज़ाज के साथ। कलाजगत के पुरखों की याद, ग़ज़ल की क्लास, किताबों की बातें, कुछ फ़िल्मी यादें और…

प्रसंगवश

फ़न की बात

कविता को नये संदर्भों में समझना होगा: रति सक्सेना से सागर शर्मा की बातचीत

मुआयना

ब्लॉग : हम बोलेंगे (संपादकीय)
नाम बदलने की समझ बनाम सनक : भवेश दिलशाद

ब्लॉग : बियॉण्ड द ब्रेन
तो क्या इंसानी दिमाग़ की उल्टी गिनती शुरू?: ए. जयजीत

ब्लॉग : तत्वान्वेषण
जल-जंगल-ज़मीन-हवा और हम: विवेक रंजन श्रीवास्तव

ब्लॉग : Truth in हेल्थ
भांग का रासायनिक मूल्यांकन: डॉ. आलोक त्रिपाठी

गुनगुनाहट

ब्लॉग : पोइट्री थेरेपी
कैसे ट्रीट करता है एक पोएट्री थेरेपिस्ट?-2 : रति सक्सेना

ब्लॉग : गूंजती आवाज़ें
दरिया, कुहरा, मौत और नरेश कुमार शाद : सलीम सरमद

ग़ज़ल रंग

ब्लॉग : शेरगोई
हिन्दी ग़ज़ल में दृश्य चित्रण की बानगी-2 : विजय स्वर्णकार

ब्लॉग : ग़ज़ल: लौ और धुआं
वक़्त के ज़ख़्म और ग़ज़ल का दामन : आशीष दशोत्तर

किताब कौतुक

ब्लॉग : क़िस्सागोई
स्त्री-त्रासदी की शाश्वत गाथा फुलिया… : नमिता सिंह

ब्लॉग : उर्दू के शाहकार
आज़ाद का स्टाइल उन्हीं से शुरू, उन्हीं पर ख़त्म : डॉ. आज़म

सदरंग

ब्लॉग : कला कोलाज
अक्षर ब्रह्म-नाद ब्रह्म और संत वाणियां : शम्पा शाह

ब्लॉग : उड़ जाएगा हंस अकेला
हृदयनाथ का मंगेशकर घराना : विवेक सावरीकर ‘मृदुल’

ब्लॉग : पक्का चिट्ठा
भाषाओं के पार: व्यंग्य का भारतीय संसार-2 : अरुण अर्णव खरे

ब्लॉग : मैं हूं मध्य प्रदेश
नदियों के मायके की तस्वीर देखी आपने? : दीक्षा मनीष

ब्लॉग : 25 बरस 25 फ़िल्में
राज़: कैसे बन गयी कल्ट फिल्म? : मानस

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