
- January 30, 2026
- आब-ओ-हवा
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आब-ओ-हवा – अंक - 44
भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की इस कड़ी में महात्मा गांधी और माखनलाल चतुर्वेदी जैसे पुरखों को विनम्र प्रणाम। साहित्य के पद्म पुरस्कारों का जाएज़ा। लता मंगेशकर के पांचवे अवसान दिवस के संदर्भ में उनके अंतिम साक्षात्कार के अंश विशेष रूप से। शायर ताहिर फ़राज़ और पत्रकार मार्क टली को नम आंखों से विदाई। ग़ज़ल की आलोचना पर ज्ञानप्रकाश पांडेय का नया ब्लॉग और विश्व साहित्य पर निशांत कौशिक के ब्लॉग की वापसी। साहित्य, कला, स्वास्थ्य आदि से संबद्ध नियमित ब्लॉग्स अपने तेवर और मिज़ाज के साथ। कलाजगत के पुरखों की याद, ग़ज़ल की क्लास, किताबों की बातें, कुछ फ़िल्मी यादें और…
प्रसंगवश
माखनलाल चतुर्वेदी: जिन्हें बहुत मानते थे गांधीजी: प्रमोद मलय
महात्मा गांधी: विचार दर विचार: विवेक मेहता
ताहिर फ़राज़ को ख़िराज: डॉ. आज़म
फ़न की बात
मैं तुम्हारे लिए गा रही हूं… लता मंगेशकर का अंतिम इंटरव्यू : डॉ. दिनेश पाठक
मुआयना
ब्लॉग : हम बोलेंगे (संपादकीय)
अथ श्री पद्म-पुरस्कारम् प्रपंच कथा : भवेश दिलशाद
ब्लॉग : बियॉण्ड द ब्रेन
एआई हमें और ‘मक्कारी’ सिखा रही है! : ए. जयजीत
ब्लॉग : तत्वान्वेषण
ग्रीनलैंड: संकट की वैश्विक चुनौती : विवेक रंजन श्रीवास्तव
ब्लॉग : Truth in हेल्थ
सेहत आयात नहीं होती: सही भोजन कैसे चुनें? : डॉ. आलोक त्रिपाठी
गुनगुनाहट
ब्लॉग : पोइट्री थेरेपी
कविता थेरेपी को ज़िन्दगी में देखते हुए : रति सक्सेना
ब्लॉग : गूंजती आवाज़ें
इल्म, तजुर्बा, थ्योरी और अख़्तरुल ईमान : सलीम सरमद
ग़ज़ल रंग
ब्लॉग : जो है सो है
वो अदम जिनका दम भरती है हिंदी ग़ज़ल : ज्ञानप्रकाश पांडेय
ब्लॉग : ग़ज़ल: लौ और धुआं
सुबह और सांझ के माथे पर ग़मों की गठरी : आशीष दशोत्तर
किताब कौतुक
ब्लॉग : क़िस्सागोई
जातिवाद, मुस्लिम समाज में ऊँच-नीच की कहानियां : नमिता सिंह
ब्लॉग : उर्दू के शाहकार
उर्दू के शेक्सपियर का सिल्वर किंग : डॉ. आज़म
सदरंग
ब्लॉग : कला कोलाज
सोनाबाई… अपने अकेलेपन से मौलिक प्रतिशोध : शम्पा शाह
ब्लॉग : उड़ जाएगा हंस अकेला
राम गांगुली: ‘आग’ की शोहरत का पल भर में धुआं होना : विवेक सावरीकर ‘मृदुल’
ब्लॉग : पक्का चिट्ठा
व्यंग्य का विश्वरूप: विदेशों में व्यंग्य लेखन का अध्ययन : अरुण अर्णव खरे
ब्लॉग : तह-दर-तह
डिकेन्स कृत ‘ग्रेट एक्सपेक्टेशन्स’… एक पाठ : निशांत कौशिक
ब्लॉग : 25 बरस 25 फ़िल्में
दिल चाहता है… अनेक परिभाषाएं गढ़ने वाली फिल्म : मानस
