मम्मी की फिल्मी यादें और कल्पना की दास्तान

पाक्षिक ब्लॉग मिथलेश रॉय की कलम से…. मम्मी की फिल्मी यादें और कल्पना की दास्तान            मम्मी जी ज़मींदार घर से थीं, ब्याह भी वैसे...

‘वो अक्सर याद आते हैं’ यानी एक भूला-बिसरा अभिनेता

मिथलेश रॉय की कलम से…. ‘वो अक्सर याद आते हैं’ यानी एक भूला-बिसरा अभिनेता               गुलशेर भाई जितना मीठा बोलते थे, उतना ही...