21वीं सदी में व्यंग्य: अभिव्यक्ति के नये उपकरण तलाशना ज़रूरी

पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. 21वीं सदी में व्यंग्य: अभिव्यक्ति के नये उपकरण तलाशना ज़रूरी              21वीं सदी व्यंग्य के लिए...

एक राष्ट्र एक चुनाव – बेरोज़गारी के बढ़ते भाव

हास्य-व्यंग्य डॉ. मुकेश असीमित की कलम से…. एक राष्ट्र, एक चुनाव – बेरोज़गारी के बढ़ते भाव           देश में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का पुछल्ला...