बदीउज़्ज़मां, जैसा मैंने उन्हें जाना

याद बाक़ी… यह संस्मरण अकार-68 में प्रकाशित है, जो इस पत्रिका के सहायक संपादक श्री जीवेश के सौजन्य से साभार प्राप्त हुआ। ‘तुम भूल न जाओ उनको…’ बस इसी...

आलोचक वीरेंद्र यादव होने के मायने

शख़्सियत को जानें चंद्रेश्वर की कलम से…. आलोचक वीरेंद्र यादव होने के मायने             अग्रज लेखक-आलोचक वीरेन्द्र यादव से मेरी पहली मुलाक़ात वर्ष 1989...

ज्ञानरंजन का जाना

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

अहिन्दीभाषियों के लिए हिंदी कविताओं की किताब

पुस्तक चर्चा रति सक्सेना की कलम से…. हिंदी कविताओं की किताब अहिन्दीभाषियों के लिए              2025 में एक संग्रह आया, जिसका संबंध रहा हिन्दी...

विनोद कुमार शुक्ल: जो चुपचाप चला गया, पर सबके पास पहुँच गया

डीकोडिंग पोएट्री ब्रज श्रीवास्तव की कलम से…. विनोद कुमार शुक्ल: जो चुपचाप चला गया, पर सबके पास पहुँच गया             जिनके जाने से   ...

विनोद कुमार शुक्ल: शब्द संधान

अपने प्रिय लेखक को जानिए, विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. विनोद कुमार शुक्ल: शब्द संधान             हिंदी के आधुनिक कथा‑साहित्य और कविता में...

अगाध राग से भरी नवगीत कवयित्री डॉ. शांति सुमन

पाक्षिक ब्लॉग राजा अवस्थी की कलम से…. अगाध राग से भरी नवगीत कवयित्री डॉ. शांति सुमन               गीत, जो आदिम काव्य रूप भी...

‘हंगल साहब…’ अपने ही अंदाज़ की कहानियां

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. ‘हंगल साहब…’ अपने ही अंदाज़ की कहानियां             हरि मृदुल का कथा संग्रह ‘हंगल साहब ज़रा हंस...

हिम्मत-हौसले के धागों से बुनी स्त्रियों की कहानियां

पुस्तक परिचय: बकुला घासवाला की कलम से…. हिम्मत-हौसले के धागों से बुनी स्त्रियों की कहानियां            दिव्याजी का नाम मेरे लिए आदरणीय है। जब ‘ख़ुदी...
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