गीत अब जगदीश पंकज ख़बरें, बरस रहीं धरती परआसमान बोझिल-बोझिल हैजाने-पहचाने चेहरों परकुछ भी कह पाना मुश्किल है कानाफूसी में उलझी हैंइतनी आदमक़द अफ़वाहेंचलती-फिरती दीख रही हैंदीवारों की कुटिल...
गीत तब कुमार रवींद्र अपराधी देव हुएऎसे में क्या करें मंदिर की घंटियाँ उनको तो बजना है बजती हैंकई बार आपा भी तजती हैंधूप मरी भोर-हुएकैसे फिर धीर धरें...
ग़ज़ल अब राजकुमार राज़ तुमने दुश्वारियाँ देखीं तो इरादे बदलेहमने मंज़िल ही कभी बदली न रस्ते बदलेफिर कहीं कोई जनाज़ा उठा शाने बदलेखेल था वो ही फ़क़त देखने वाले...
ग़ज़ल तब ज़फ़र गोरखपुरी रौशनी परछाईं पैकर आख़िरीदेख लूँ जी भर के मंज़र आख़िरीमैं हवा के झक्कड़ों के दरमियाँऔर तन पर एक चादर आख़िरीज़र्ब इक ठहरे हुए पानी पे...
धुन ही नहीं, रहमान के बर्ताव पर भी सवालिया निशान हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत क्षेत्र में बौद्धिक संपदा अधिकार के लिए लड़ी गयी पहली लड़ाई शास्त्रीय संगीत के घराने के...
ऐनी आपा का ‘आग का दरिया’ “क़ुर्रतुल-ऐन हैदर ने एक ऐसी मुशतर्का तहज़ीब (साझा संस्कृति) के गुण गाये और अपने तहदार किरदारों में ऐसी हिन्दुस्तानी शख़्सियात (व्यक्तित्वों) को उजागर...
आज के हिन्दुस्तान की कहानी मेरे सामने युवा कथाकार सोनी पांडेय का उपन्यास ‘सुनो कबीर’है। आज के कवियों में सोनी पांडेय का विशिष्ट स्थान है। इधर उन्होंने कहानियाँ लिखीं...