September 14, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं शहर के जिस्म में गांव की मिट्टी की महक पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. शहर के जिस्म में गांव की मिट्टी की महक शाइरी अब रवायती मौज़ूआत से अलहदा राहों... Continue Reading
September 14, 2025 आब-ओ-हवा क़िस्सागोई वर्तमान की विडंबना का आईना है उपन्यास ‘दहन’ पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. वर्तमान की विडंबना का आईना है उपन्यास ‘दहन’ प्रतिष्ठित कथाकार हरियश राय का उपन्यास ‘दहन’ पढ़ा,... Continue Reading
September 14, 2025 आब-ओ-हवा कला चर्चा नीता पहाड़िया… निरंतर कुछ अलग खोजती कलाकार पाक्षिक ब्लॉग प्रीति निगोसकर की कलम से…. नीता पहाड़िया… निरंतर कुछ अलग खोजती कलाकार हमने इस बार नीता पहाड़िया से बातचीत की है।... Continue Reading
September 14, 2025 आब-ओ-हवा शेरगोई ग़ज़ल का वज़्न निकालिए: सिर्फ़ एक मिनिट में पाक्षिक ब्लॉग विजय कुमार स्वर्णकार की कलम से…. ग़ज़ल का वज़्न निकालिए: सिर्फ़ एक मिनिट में ग़ज़ल का वज़्न में होना अनिवार्य... Continue Reading
September 14, 2025 आब-ओ-हवा कुछ फ़िल्म कुछ इल्म बड़ी अनोखी थी प्लेबैक गायकी की पहली-पहली आवाज़ पाक्षिक ब्लॉग मिथलेश रॉय की कलम से…. बड़ी अनोखी थी प्लेबैक गायकी की पहली-पहली आवाज़ ब्लैक एंड व्हाइट सिनेमा और उसके दशकों की... Continue Reading
September 14, 2025 आब-ओ-हवा हम बोलेंगे हिंदी, भाषा, आवाज़ और अपने सवाल पाक्षिक ब्लॉग भवेश दिलशाद की कलम से…. हिंदी, भाषा, आवाज़ और अपने सवाल अरुंधति रॉय ने अपनी नयी किताब ‘मदर मैरी कम्स... Continue Reading
September 14, 2025 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें हिन्दोस्तानी भाषा और डॉ. अख़्तर नज़्मी पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. हिन्दोस्तानी भाषा और डॉ. अख़्तर नज़्मी महात्मा गांधी ने भाषा के मध्यम मार्ग को खोज लिया था, वो उसको हिंदी नहीं… हिन्दोस्तानी... Continue Reading
September 14, 2025 आब-ओ-हवा तख़्ती शिक्षक दिवस तुम फिर आना पाक्षिक ब्लॉग आलोक कुमार मिश्रा की कलम से…. शिक्षक दिवस तुम फिर आना 5 सितंबर यानी कि टीचर्स डे, मतलब शिक्षक दिवस बिना किसी बड़ी आपदा के बीत गया।... Continue Reading
September 14, 2025 आब-ओ-हवा आलेख सिगरेट… बदनाम औरतें और बाज़ार मालामाल भवेश दिलशाद की कलम से…. सिगरेट… औरतें बदनाम और बाज़ार मालामाल जे.के. रॉलिंग की एक फ़ोटो इसी साल अप्रैल में चर्चा में थी,... Continue Reading
September 14, 2025 आब-ओ-हवा व्यंग्य: पक्का चिट्ठा सभी सत्ताओं पर भारी डिजिटल सत्ता पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. सभी सत्ताओं पर भारी डिजिटल सत्ता व्यंग्य के बारे में यह धारणा प्रचलित है कि उसका निशाना सदैव सत्ता पर होना... Continue Reading