डिग्री–डिग्री.. देश की परंपरा का तो लिहाज़ करो निकम्मो!

हास्य रंग आदित्य की कलम से…. डिग्री-डिग्री.. देश की परंपरा का तो लिहाज़ करो निकम्मो!            मेरे बेटे ने आये-दिन टीवी और मोबाइल पर चल...

जावेद अख्तर विरोध… उर्दू के माथे पर ‘टोपियां’ कलंक

जावेद अख्तर विरोध… उर्दू के माथे पर ‘टोपियां’ कलंक                जावेद अख़्तर का विरोध कुछ कट्टरपंथी धार्मिक संगठन (जमीयत उलेमा-ए-हिंद) करते हैं और...

पूर्वपाठ — एक कवि की डायरी : भाग-20

कवियों की भाव-संपदा,​ विचार-वीथिका और संवेदन-विश्व को खंगालती इस डायरी का मक़सद प्रकाशन पूर्व पाठक-लेखक संवाद बनाना है… जयप्रकाश मानस की कलम से…. पूर्वपाठ — एक कवि की डायरी...

दीप्ति नवल: ख़ुद की तलाश का सफ़र

(विधाओं, विषयों व भाषाओं की सीमा से परे.. मानवता के संसार की अनमोल किताब -धरोहर- को हस्तांतरित करने की पहल। जीवन को नये अर्थ, नयी दिशा, नयी सोच देने...

लफ़्ज़, सियासत और अली सरदार जाफ़री

पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. लफ़्ज़, सियासत और अली सरदार जाफ़री             तरक़्क़ीपसंद शायरी का ज़िक्र आते ही उन लफ़्ज़ों की दस्तकों...

साहित्य की सकारात्मक दृष्टि

पाक्षिक ब्लॉग राजा अवस्थी की कलम से…. साहित्य की सकारात्मक दृष्टि             साहित्कार, साहित्य, दर्शन और आलोचना के लिए दृष्टि महत्वपूर्ण है। दृष्टि के...

गीत तब : कमलकांत सक्सेना

संदर्भ : 31 अगस्त, कमलकांत सक्सेना के पुण्य स्मरण का अवसर गीत तब : कमलकांत 1 दीपक जैसा जलना प्यारे जीवन जैसा गलना प्यारे पूरे जग में अंधियारा है...

सुषमा जैन – परम्परा का नया रूप

पाक्षिक ब्लॉग प्रीति निगोसकर की कलम से…. सुषमा जैन – परम्परा का नया रूप              सुषमा जैन-एक सौम्य व्यक्तित्व। व्यक्तित्व की झलक उनके चित्रों...
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