
नौकरशाह रंधावा क्यों हैं आज भी प्रासंगिक?
चंडीगढ़। नगर के बुद्धिजीवियों ने पंजाब कला भवन के सभागार और कला दीर्घा में आयोजित नामचीन कलाकारों की कला प्रदर्शनी और बौद्धिक जमावड़े में चंडीगढ़ के प्रथम आयुक्त एम.एस. रंधावा का भावनात्मक रूप से स्मरण किया। सुबह के सम्मेलन में पंजाब के कबीना मन्त्री तरुणप्रीत सिंह सोंद और शाम की सभा में पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने रंधावा के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि पंजाब की युवा शक्ति को पुनः परिश्रम की तरफ़ लौटना होगा।
वक्ताओं ने इस अवसर पर सोभा सिंह आर्ट गैलरी में पंजाब ललित कला अकादमी द्वारा समय-समय पर कला शिवरों में आमंत्रित देश के एवं स्थानीय प्रसिद्ध कलाकारों की कलाकृतियों का भी अवलोकन किया तथा उनकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर करमजीत सिंह, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना के कुलपति डॉक्टर एम.एस. गोयल, साथ ही डॉक्टर अमरजीत ग्रेवाल, डॉक्टर गगनदीप शर्मा व अन्य विद्वानों ने भी सभा को संबोधित किया।
ज्ञातव्य हो कि एम.एस. रंधावा उच्च कोटि के नौकरशाह थे जिन्होंने अपने योगदान से चंडीगढ़ की पारिस्थितिकी, कला, वास्तुकला, साहित्य तथा पंजाब की समृद्ध संस्कृति और विरासत को यथासंभव संरक्षण प्रदान किया। उन्होंने हरित क्रांति के दौर में भी संस्कृति के महत्व को विशेष रूप से संजोये रखा जो आज भी प्रशासकों के लिए उदाहरण है।

डॉ. रंधावा उत्सव 2 से 7 फरवरी 2026 के बीच पंजाब कला परिषद की ओर से करवाया जा रहा है। उत्सव में पंजाब कला परिषद के अध्यक्ष स्वर्णजीत सिंह सवी, उपाध्यक्ष डॉक्टर योगराज, पंजाबी संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष अश्विनी चैटले, चंडीगढ़ ललित कला अकादमी के अध्यक्ष भीम मल्होत्रा, पंजाब ललित कला अकादमी के अध्यक्ष गुरदीप धीमान, सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
श्री धीमान ने कला प्रदर्शनी के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 1977 से अब तक हुए कला शिवरों में सृर्जित नामचीन कलाकारों की 63 चुनिंदा कलाकृतियां (पेंटिंग एवं मूर्तियां) तथा एक कक्ष में ललित कला क्षेत्र में पंजाब गौरव सम्मान से विभूषित होने वाले फोटो आर्टिस्ट देव-इन्दर सिंह के छायाचित्र भी प्रदर्शित हैं। प्रदर्शित कलाकृतियों के सृजक कई ख्यातिलब्ध कलाकार भी आयोजन स्थल पर दर्शकों के साथ घुल-मिल रहे थे। प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन वयोवृद्ध कलाकार मोहिन्दर तुली द्वारा किया गया व इस अवसर पर उनके साथ-साथ नगर के ख्यातिलब्ध कलाकार मदनलाल और छायाकार देव-इन्दर का भी सम्मान किया गया।
-प्रेस विज्ञप्ति (सुभाष अरोड़ा द्वारा)
