सार्वजनिक मू​र्तिकला: यह पतन का दौर है?

उत्तम कुमार (03.09.1926-24.07.1980) की जन्म शताब्दी पर प्रसंगवश भवेश दिलशाद की कलम से…. सार्वजनिक मू​र्तिकला: यह पतन का दौर है?             आपने होयसाला राजवंश...

कला ऋषि एल.एन. भावसार स्मृति शेष

स्मरण.. चित्रकार सुभाष अरोड़ा की कलम से…. कलाऋषि एल.एन. भावसार स्मृति शेष               ग्वालियर। कला गुरु उमेन्द्र वर्मा एवं कला मित्र वीरेन्द्र नागवंशी...

पेंटर उकेरता यादें और फोटोग्राफर क्षणभंगुरता!

पेंटर उकेरता यादें और फोटोग्राफर क्षणभंगुरता!              चंडीगढ़। छायाकार विरले क्षणों का सौदागर और पेन्टर होता स्मृतियों का सौदाई, संवेदनशील द्वय रचते हैं निःशब्द...

नौकरशाह रंधावा क्यों हैं आज भी प्रासंगिक?

नौकरशाह रंधावा क्यों हैं आज भी प्रासंगिक?             चंडीगढ़। नगर के बुद्धिजीवियों ने पंजाब कला भवन के सभागार और कला दीर्घा में आयोजित नामचीन...

जलम यानी चार दिन कला चेतना के नाम

25 से 28 दिसंबर 2025 तक जबलपुर में सजेगा तमाम कलाओं का मेला, विमर्श और प्रस्तुतियों का राष्ट्रीय मंच यानी ‘जलम’ जलम यानी चार दिन कला चेतना के नाम...

यादें और सपने… गुरु-शिष्या की पेंटिंग्स ने जमाया रंग

यादें और सपने… गुरु-शिष्या की पेंटिंग्स ने जमाया रंग                चंडीगढ़। पंजाब कला भवन की एम.एस. रंधावा कला दीर्घा में कला गुरु मुकेश...
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