बानो की जादूगरी, जादुई यथार्थवाद का मशहूर उपन्यास

नियमित ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से…. बानो की जादूगरी, जादुई यथार्थवाद का मशहूर उपन्यास              “राजा गिद्ध”, ये बानो क़ुदसिया और उर्दू अदब...

नोबेल पुरस्कार: शांति की खोज या ईजाद?

नियमित ब्लॉग भवेश दिलशाद की कलम से…. नोबेल पुरस्कार: शांति की खोज या ईजाद?              विज्ञान के नोबेल से नोबेल पुरस्कार समिति को ही...

युद्ध और आपदा में संजीवनी पोएट्री

नियमित ब्लॉग रति सक्सेना की कलम से…. युद्ध और आपदा में संजीवनी पोएट्री               केस ‍2: मार्गस लैटिक कविता से इलाज के सिलसिले...

त्योहार का समय और प्रमाणीकरण का व्यवसायीकरण

स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. आलोक त्रिपाठी की कलम से…. त्योहार का समय और प्रमाणीकरण का व्यवसायीकरण               लगभग एक दशक पहले मैंने फ़ेसबुक पर...

व्यंग्य शीर्षक: ऐसा हो, ऐसा-वैसा नहीं

नियमित ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. व्यंग्य शीर्षक: ऐसा हो, ऐसा-वैसा नहीं             बात उस समय की है, जब कोरोना के कारण...

गीत विमर्श की इस यात्रा का नया मोड़

नियमित ब्लॉग राजा अवस्थी की कलम से…. गीत विमर्श की इस यात्रा का नया मोड़              आब-ओ-हवा के तीसरे अंक से ‘समकाल का नवगीत...

कला में आस्था व उत्साह यानी भावना सोनावणे

नियमित ब्लॉग प्रीति निगोसकर की कलम से…. कला में आस्था व उत्साह यानी भावना सोनावणे               भावना सोनावणे ने अद्भुत भाव-विश्व को कैनवास...

हिन्दी-उर्दू शायरी में ‘चराग़’

शम्अ, दीया और दीपक शब्द भी शायरी में बख़ूबी बरते जाते रहे हैं लेकिन हमने इस दीवाली के मौक़े पर चुना है लफ़्ज़ ‘चराग़’ या चिराग़। इस लफ़्ज़ को...
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