इतने साहित्य उत्सव..! तमाशा मेरे आगे

नियमित ब्लॉग भवेश दिलशाद की कलम से…. इतने साहित्य उत्सव..! तमाशा मेरे आगे               साहित्य उत्सव क्या बला हैं? कुछ बरस पहले की...

खिड़की में दीवार बनाने की ख़ुराफ़ात में लोग

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

धूप में निकलो घटाओं में नहाकर देखो

नियमित ब्लॉग ज़ाहिद ख़ान की कलम से…. धूप में निकलो घटाओं में नहाकर देखो                 निदा फ़ाज़ली उर्दू-हिन्दी ज़बान के जाने-पहचाने अदीब,...

क़ाफ़िया कैसे बांधें : भाग-1

नियमित ब्लॉग विजय कुमार स्वर्णकार की कलम से…. क़ाफ़िया कैसे बांधें : भाग-1             सही क़ाफ़िये का चयन करने में अक्सर हिंदीभाषी ग़ज़लकारों को...

कलाकार का सपना- चित्र देख सब कहें, यह सुनीला का है

नियमित ब्लॉग प्रीति निगोसकर की कलम से…. कलाकार का सपना- चित्र देख सब कहें, यह सुनीला का है                इस कलाकार की चित्रकारी...

बूढ़े भी सीखें ढलना

नियमित ब्लॉग आलोक कुमार मिश्रा की कलम से…. बूढ़े भी सीखें ढलना                  हमारे देश में बच्चों के सीखने-सिखाने के लिए तो...

हिन्दी सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार

नियमित ब्लॉग मिथलेश राय की कलम से…. हिन्दी सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार             बड़का जी ऐसे आदमी थे, जिन्हें कॉलोनी का बड़ा बूढ़ा...

हिंदी और उर्दू दोनों का शाहकार उपन्यास

नियमित ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से…. हिंदी और उर्दू दोनों का शाहकार उपन्यास                 ‘गोदान’, मुंशी प्रेमचंद के इस नॉवेल का...
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