छाया गांगुली की आवाज़ के साथ थोड़ा-सा रूमानी हो जाएं

पाक्षिक ब्लॉग वि​वेक सावरीकर ‘मृदुल’ की कलम से…. छाया गांगुली की आवाज़ के साथ थोड़ा-सा रूमानी हो जाएं              अमोल पालेकर निर्मित और निर्देशित...

कविता अपने समय को व्यक्त कर पा रही है?

पाक्षिक ब्लॉग राजा अवस्थी की कलम से…. कविता अपने समय को व्यक्त कर पा रही है? मनुष्य सभ्यता के इतिहास में या कहें कि मनुष्य सभ्यता के विकास को...

राजेंद्र कृष्ण का कारनामा—13 मिनिट में गांधी का ज़िन्दगी—नामा

पाक्षिक ब्लॉग ज़ाहिद ख़ान की कलम से…. राजेंद्र कृष्ण का कारनामा—13 मिनिट में गांधी का ज़िन्दगी—नामा फ़िल्मी दुनिया में राजेन्द्र कृष्ण वह गीतकार हैं, जिन्होंने हिन्दी फ़िल्मों की कहानी,...

शहर के जिस्म में गांव की मिट्टी की महक

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. शहर के जिस्म में गांव की मिट्टी की महक              शाइरी अब रवायती मौज़ूआत से अलहदा राहों...

वर्तमान की विडंबना का आईना है उपन्यास ‘दहन’

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. वर्तमान की विडंबना का आईना है उपन्यास ‘दहन’              प्रतिष्ठित कथाकार हरियश राय का उपन्यास ‘दहन’ पढ़ा,...

नीता पहाड़िया… निरंतर कुछ अलग खोजती कलाकार

पाक्षिक ब्लॉग प्रीति निगोसकर की कलम से…. नीता पहाड़िया… निरंतर कुछ अलग खोजती कलाकार             हमने इस बार नीता पहाड़िया से बातचीत की है।...

ग़ज़ल का वज़्न निकालिए: सिर्फ़ एक मिनिट में

पाक्षिक ब्लॉग विजय कुमार स्वर्णकार की कलम से…. ग़ज़ल का वज़्न निकालिए: सिर्फ़ एक मिनिट में               ग़ज़ल का वज़्न में होना अनिवार्य...

बड़ी अनोखी थी प्लेबैक गायकी की पहली-पहली आवाज़

पाक्षिक ब्लॉग मिथलेश रॉय की कलम से…. बड़ी अनोखी थी प्लेबैक गायकी की पहली-पहली आवाज़              ब्लैक एंड व्हाइट सिनेमा और उसके दशकों की...

हिन्दोस्तानी भाषा और डॉ. अख़्तर नज़्मी

पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. हिन्दोस्तानी भाषा और डॉ. अख़्तर नज़्मी महात्मा गांधी ने भाषा के मध्यम मार्ग को खोज लिया था, वो उसको हिंदी नहीं… हिन्दोस्तानी...
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