सितारे ज़मीं पर… सबके अलग नॉर्मल से तालमेल का पैग़ाम

फ़िल्म चर्चा ख़ुदेजा ख़ान की कलम से…. सितारे ज़मीं पर… सबके अलग नॉर्मल से तालमेल का पैग़ाम              फ़िल्म “सितारे जमीं पर” की चर्चा...

हमें ईश्वर की ज़रूरत क्यों है?

गूंज बाक़ी… पिछली पीढ़ियों के यादगार पन्ने हर गुरुवार। इस शृंखला की पहली पेशकश में अपनी भिन्न वैचारिक उष्मा के साथ ही एक प्रासंगिक विचार के संदर्भ में भी...

हिन्दी-उर्दू शायरी में ‘आबो-हवा’

‘आबो-हवा’ का सीधा मतलब जलवायु है और शायरी में यह बाहर और भीतर की कैफ़ियत के हवाले से दर्ज होता रहा है। कहीं-कहीं तो यह प्रतीक भी बन जाता...

पूर्वपाठ — एक कवि की डायरी : भाग-22

कवियों की भाव-संपदा, विचार-वीथिका और संवेदन-विश्व को खंगालती इस डायरी का मक़सद प्रकाशन पूर्व पाठक-लेखक संवाद बनाना रहा, जो जल्द पुस्तकाकार प्रकाशित हो रही है। अब यहां इसे यहीं...

गुनाहों का देवता.. मुझे लेखक बनाने वाली किताब

(विधाओं, विषयों व भाषाओं की सीमा से परे.. मानवता के संसार की अनमोल किताब -धरोहर- को हस्तांतरित करने की पहल। जीवन को नये अर्थ, नयी दिशा, नयी सोच देने...

गालियों की पॉलिटिक्स और सोशियोलॉजी

आदित्य की कलम से…. गालियों की सोशियोलॉजी और पॉलिटिक्स                मीडिया में वबाल मचा है कि प्रधानमंत्री को विपक्षी पार्टी के मंच से...

साहित्य में अपने नाख़ून ख़ूबसूरती से तराशें विमर्श

अजित कुमार राय की कलम से…. साहित्य में अपने नाख़ून ख़ूबसूरती से तराशें विमर्श            साहित्य का जातिवादी पाठ तो चौंकाने वाला है। अभी ‘समयान्तर’...

‘ब्राह्मण’ से ट्रंप प्रशासन का मतलब? मीडियाई मूर्खता को समझें

‘ब्राह्मण’ से नवारो का मतलब? मीडियाई मूर्खता को समझें                   अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पिछले कार्यकाल में व्हाइट हाउस...

पूर्वपाठ — एक कवि की डायरी : भाग-21

कवियों की भाव-संपदा,​ विचार-वीथिका और संवेदन-विश्व को खंगालती इस डायरी का मक़सद प्रकाशन पूर्व पाठक-लेखक संवाद बनाना है… जयप्रकाश मानस की कलम से…. पूर्वपाठ — एक कवि की डायरी...
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