गीत तब : कमलकांत सक्सेना

संदर्भ : 31 अगस्त, कमलकांत सक्सेना के पुण्य स्मरण का अवसर गीत तब : कमलकांत 1 दीपक जैसा जलना प्यारे जीवन जैसा गलना प्यारे पूरे जग में अंधियारा है...

सुषमा जैन – परम्परा का नया रूप

पाक्षिक ब्लॉग प्रीति निगोसकर की कलम से…. सुषमा जैन – परम्परा का नया रूप              सुषमा जैन-एक सौम्य व्यक्तित्व। व्यक्तित्व की झलक उनके चित्रों...

हम तुम और वो

पाक्षिक ब्लॉग विजय स्वर्णकार की कलम से…. हम, तुम और वो             वो आये घर में हमारे ख़ुदा की क़ुदरत है      ...

‘हंगल साहब…’ अपने ही अंदाज़ की कहानियां

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. ‘हंगल साहब…’ अपने ही अंदाज़ की कहानियां             हरि मृदुल का कथा संग्रह ‘हंगल साहब ज़रा हंस...

राग विहाग में सुलक्षणा-भूपी की सुरीली बोलियां

पाक्षिक ब्लॉग विवेक सावरीकर ‘मृदुल’ की कलम से…. राग विहाग में सुलक्षणा-भूपी की सुरीली बोलियां            संगीतकार कनू रॉय ने हिंदी की चुनिंदा फ़िल्मों में...

कमलकांत जी, अनघ जी.. प्यास और अंधेरे से भिड़ंत

संदर्भ: आती हुई तिथियों पर कमलकांत सक्सेना (05.10.1948-31.08.2012) और महेश अनघ (14.09.1947-04.12.2012) को याद करने के अवसर विशेष.. पाक्षिक ब्लॉग भवेश दिलशाद की कलम से…. कमलकांत जी, अनघ जी.....

पोइट्री थेरेपी – संगीत थेरेपी और कविता थेरेपी

पाक्षिक ब्लॉग रति सक्सेना की कलम से…. पोइट्री थेरेपी – संगीत थेरेपी और कविता थेरेपी                संगीत थेरेपी एक ऐसी कला है, जिसमें...

नयी शायरी : तकनीक के ज़ाविये में ढलने का हुनर

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. नयी शायरी : तकनीक के ज़ाविये में ढलने का हुनर            शाइरी के अपने तकाज़े रहे हैं। अपने...
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