न वो दिल है न वो शबाब… आबरू-ए-ग़ज़ल ख़ुमार बाराबंकवी

पाक्षिक ब्लॉग ज़ाहिद ख़ान की कलम से…. न वो दिल है न वो शबाब… आबरू-ए-ग़ज़ल ख़ुमार बाराबंकवी            ख़ुमार बाराबंकवी का शुमार मुल्क के उन...

राजिंदर सिंह बेदी का पहला और आख़िरी नॉविल

पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से…. राजिंदर सिंह बेदी का पहला और आख़िरी नॉविल                ‘एक चादर मैली-सी’ (प्रकाशन वर्ष 1962) राजिंदर...

मम्मी की फिल्मी यादें और कल्पना की दास्तान

पाक्षिक ब्लॉग मिथलेश रॉय की कलम से…. मम्मी की फिल्मी यादें और कल्पना की दास्तान            मम्मी जी ज़मींदार घर से थीं, ब्याह भी वैसे...

21वीं सदी में व्यंग्य: अभिव्यक्ति के नये उपकरण तलाशना ज़रूरी

पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. 21वीं सदी में व्यंग्य: अभिव्यक्ति के नये उपकरण तलाशना ज़रूरी              21वीं सदी व्यंग्य के लिए...

पूर्वपाठ — एक कवि की डायरी : भाग-19

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...
  • August 28, 2025
  • आब-ओ-हवा

अंक – 34

आब-ओ-हवा – अंक – 34 भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की इस कड़ी में कमलकांत सक्सेना का स्मरण विशेष। चूंकि इस महीने...

तिड़ककर टूटना

कहानी सूक्ष्म संवेदनशीलता और अभूतपूर्व चित्रात्मकता के कारण प्रभावित करती है। सृजन करने की नैसर्गिक चाह एवं अभिव्यक्ति की इच्छा मिलकर स्वरा के रूप में लेखिका के अंतर्मन से...

पूर्वपाठ — एक कवि की डायरी : भाग-18

कवियों की भाव-संपदा,​ विचार-वीथिका और संवेदन-विश्व को खंगालती इस डायरी का मक़सद प्रकाशन पूर्व पाठक-लेखक संवाद बनाना है… जयप्रकाश मानस की कलम से…. पूर्वपाठ — एक कवि की डायरी...

एक राष्ट्र एक चुनाव – बेरोज़गारी के बढ़ते भाव

हास्य-व्यंग्य डॉ. मुकेश असीमित की कलम से…. एक राष्ट्र, एक चुनाव – बेरोज़गारी के बढ़ते भाव           देश में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का पुछल्ला...
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