August 14, 2025 आब-ओ-हवा उर्दू के शाहकार यौम-ए-आज़ादी (स्वतंत्रता दिवस) और उर्दू किताबें डॉक्टर आज़म की कलम से…. यौम-ए-आज़ादी (स्वतंत्रता दिवस) और उर्दू किताबें स्वतंत्रता दिवस, देश विभाजन, आज़ादी के बाद के भारत और पाकिस्तान... Continue Reading
August 14, 2025 आब-ओ-हवा उड़ जाएगा हंस अकेला आत्मा को झकझोरता ‘नवरंग’ का वो प्रेरक गीत विवेक सावरीकर मृदुल की कलम से…. आत्मा को झकझोरता ‘नवरंग’ का वो प्रेरक गीत वर्ष 1959 में प्रदर्शित शांताराम बापू की सदाबहार... Continue Reading
August 14, 2025 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें शहीद सफ़दर हाशमी के नाम… सलीम सरमद की कलम से…. शहीद सफ़दर हाशमी के नाम… मेरे बचपन को एक आवाज़ ने घेरा था, वो गीत-जिसके स्वर तब मेरी... Continue Reading
August 14, 2025 आब-ओ-हवा शेरगोई मात्रा पतन: शहरों के नाम विजय कुमार स्वर्णकार की कलम से…. मात्रा पतन: शहरों के नाम शे’र में शहरों के नाम आते रहे हैं। जैसे सबको अपना नाम... Continue Reading
August 14, 2025 आब-ओ-हवा समकाल का गीत विमर्श कविता की आज़ादी का पर्व? राजा अवस्थी की कलम से…. कविता की आज़ादी का पर्व? 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस, आज़ादी का पर्व जब हम मना रहे हैं, तो यह सोचने की बात है, कि... Continue Reading
August 14, 2025 आब-ओ-हवा तख़्ती आज़ादी का संदेश आलोक कुमार मिश्रा की कलम से…. आज़ादी का संदेश प्यारे विद्यार्थियो, जय हिंद इस वर्ष हम आज़ादी की 79वीं सालगिरह मना रहे हैं। त्याग,... Continue Reading
August 14, 2025 आब-ओ-हवा व्यंग्य: पक्का चिट्ठा भारतीय व्यंग्य इतिहास का प्रस्थान बिंदु “शिवशंभू के चिट्ठे” अरुण अर्णव खरे की कलम से…. भारतीय व्यंग्य इतिहास का प्रस्थान बिंदु “शिवशंभू के चिट्ठे” व्यंग्य का मूल स्वभाव विरोध है, यह सत्ता के... Continue Reading
August 14, 2025 आब-ओ-हवा सिनेमा शोले के 50 साल के बरअक्स 1975 का सिनेमाई जादू भवेश दिलशाद की कलम से…. शोले के 50 साल के बरअक्स 1975 का सिनेमाई जादू भारत की आज़ादी को चौथाई सदी पूरी... Continue Reading
August 14, 2025 आब-ओ-हवा तरक़्क़ीपसंद तहरीक की कहकशां आवाज़ दो हम एक हैं संदर्भ: आज़ादी के आंदोलन में तरक़्क़ी-पसंद शायरों का किरदार और उनकी शायरी का योगदान ज़ाहिद ख़ान की कलम से…. आवाज़ दो हम एक हैं ... Continue Reading
August 14, 2025 आब-ओ-हवा कला चर्चा ध्यान ही कला : रीना तोमर प्रीति निगोसकर की कलम से…. ध्यान ही कला : रीना तोमर “कला सृजन से कलाकार को जो सुकून मिलता है, कलाकृति रचते समय जो... Continue Reading