महात्मा गांधी: विचार दर विचार

शख़्सियत को जानिए विवेक मेहता की कलम से…. महात्मा गांधी: विचार दर विचार               वर्षों पहले एक दुबला-पतला, श्यामवर्णी, सामान्य क़द-काठी का व्यक्ति...

दो विचार, एक सदी और बेमेल तुलना

भारत की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में वर्ष 2025 में दो धुर-विरोधी विचारधाराओं से सम्बद्ध संगठन तथा राजनीतिक दल की लगातार तुलना की जाती रही है। ये हैं ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक...

2025: साहित्य के उत्सव-पुरस्कार-विमर्श और…

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

नफ़रत का मनोविज्ञान

विरोध, प्रतिरोध, प्रतिकार… ऐसे शब्द साहित्य और समाज में अक्सर सुनायी दे रहे हैं लेकिन इनकी ध्वनि क्या कोई आकार ले पाती है? ये आवाज़ें बेअसर क्यों हैं और...

बिहार में माताओं के स्तनदूध में यूरेनियम, समस्या व समाधान

शैलेन्द्र चौहान की कलम से…. बिहार में माताओं के स्तनदूध में यूरेनियम, समस्या व समाधान             बिहार के छह ज़िलों— भोजपुर, बेगूसराय, समस्तीपुर, खगड़िया,...

मध्य प्रदेश गौरव गीत – परंपरा, प्रश्न और निहितार्थ

मध्य प्रदेश के 70वें स्थापना के अवसर पर मप्र गौरव गान की चयन प्रक्रिया, इन गीतों की परंपरा और औचित्य को लेकर एक अध्ययन… भवेश दिलशाद की कलम से…....

विज्ञापन का महानायक: पीयूष पाण्डे

शख़्सियत को जानिए प्रो. पवित्र श्रीवास्तव की कलम से…. विज्ञापन का महानायक: पीयूष पाण्डे             भारतीय विज्ञापन जगत में जब भी मौलिकता, रचनात्मकता और...

खिड़की में दीवार बनाने की ख़ुराफ़ात में लोग

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

विज़न 2035: भारत में स्वास्थ्य निगरानी- वरदान या ख़तरा?

विश्लेषण और चिंता डॉ. आलोक त्रिपाठी की कलम से…. विज़न 2035: भारत में स्वास्थ्य निगरानी- वरदान या ख़तरा?              भारत ने 4 दिसम्बर 2020...

वैश्विक भाषाई परिदृश्य: हिंदी तथा विविध विदेशी भाषाएं

गहन पड़ताल विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. वैश्विक भाषाई परिदृश्य: हिंदी तथा विविध विदेशी भाषाएं             भारतीय समाज में भाषा केवल संप्रेषण का...