याद बाक़ी

रबींद्रनाथ ठाकुर, रबींद्रनाथ ठाकुर के चित्र, rabindra nath tagore, tagore paintings

7 अगस्त 1941 को रबींद्रनाथ ठाकुर इस निस्सार संसार को अलविदा कह गये थे। कला गुरु की स्मृति को नमन करते हुए यहां गुरुदेव रचित कुछ चित्र, चर्चित कलाकार अशोक भौमिक द्वारा संकलित-संपादित एलबमनुमा पुस्तक ‘रबींद्रनाथ ठाकुर के चित्र’ से साभार दिये जा रहे हैं। यह सेल्फ़ पोट्रेट।

याद बाक़ी

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प्रस्तुत पांचों चित्रों का रचनाकाल 1929 से 1936 के बीच का है।

याद बाक़ी

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यहां प्रस्तुत पांचों चित्रों के बारे में पुस्तक में उल्लेख है कि पेन, पेपर, पेस्टल या एक्रेलिक से उकेरे गये।

याद बाक़ी

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रबींद्रनाथ ठाकुर का चित्र संसार विपुल है और उसमें से यहां कुछ चुनिंदा पोट्रेट्स प्रस्तुत किये गये हैं।

याद बाक़ी

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इस पुस्तक में रबींद्रनाथ ठाकुर कृत अधिकतर चित्रों के साथ उनका कोई शीर्षक नहीं दिया गया है।

गूंज बाक़ी

मुंशी प्रेमचंद, munshi premchand quotes

31 जुलाई – मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर ख़ास तौर से ये दो विचार, जो 1982 में एक पत्रिका में छपे थे।

क़ुदरत के रंग

जैनसेन चाउ, malaysian artist, malaysian painting, Jansen Chow painting

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस (28 जुलाई) पर विश्वप्रसिद्ध जलरंग कलाकार, मलेशिया के जैनसेन चाउ की कृतियाँ, कलाविज्ञों के अनुसार ये प्रकृति संरक्षण का संदेश हैं। सौजन्य: सुनिल शुक्ल, भोपाल

क़ुदरत के रंग

Sarah Lees painting, सारा लीज़ की पेंटिंग, nature paintings

ब्रिटिश चित्रकार-इलस्ट्रेटर और शिक्षिका सारा लीज़ की कला भूमि और प्राकृतिक चित्रों की दृश्य भाषा तथा प्रकृति और मानव हस्तक्षेप द्वारा उसके आकार ग्रहण करने की प्रक्रिया का अन्वेषण करती है। सारा के चित्रों में भूमि की मूल संरचना जैसे खेतों की सीमाएँ, झाड़ियाँ, पगडंडियाँ और नदी के घुमावदार मोड़ प्रमुखता से उभरते हैं। सौजन्य: सुनिल शुक्ल, भोपाल

यादगार तस्वीर

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तरक़्क़ीपसंद तहरीक, भोपाल – 25 जनवरी 1949… कुर्सी पर दाएं से: सफ़िया अख़्तर (बालक जावेद अख़्तर व सलमान के साथ), इस्मत चुग़तई, हामिद सईद ख़ान, जोश मलीहाबादी, कृशन चंदर, जीआर ताबां, मुनींद्र नाथ, मजरूह सुल्तानपुरी। फ़र्श पर दाएं से: अंजुम सुलेमानी, सबा लखनवी, जां निसार अख़्तर, एमए ताज व सुंदर लाल। खड़े हुए दाएं से: ए. कुमार, अस्करी रश्दी, इब्राहीम यूसुफ़, एहसान, इश्तियाक़ आरिफ़, अख़्तर सईद ख़ान, क़मर जलाली, ई.ए. ख़ान, अज़हर ख़ान, शाह मीर राही, यूसुफ़, आदिल रशीद। सौजन्य: प्रो. नौमान

देश काग़ज़ पर बना नक़्शा नहीं...

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व्यंग्यकार श्रीकांत आप्टे कृत कविता पोस्टर

आबादी! बर्बादी!

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व्यंग्यकार डॉ. मुकेश असीमित कृत डिजिटल कार्टून

वो समाज भी हो...

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व्यंग्यकार श्रीकांत आप्टे कृत शायरी पोस्टर

मातृत्व

मातृत्व, motherhood, painting by abhilasha tyagi

जलरंग – अभिलाषा त्यागी परीडा (सिएटल, अमेरिका)

मां तुझे सलाम

मां तुझे सलाम, maa tujhe salaam, painting by vartika

जलरंग चित्र – वर्तिका कुशवाह (दसवीं, सागर पब्लिक स्कूल, भोपाल)

हैपी मदर्स डे

happy mothers day, हैपी मदर्स डे

डिजिटल आर्ट – अभिलाषा त्यागी परीडा (सिएटल, अमेरिका)

नदी: एक ग़ज़ल

कविता पोस्टर — भवेश दिलशाद

शायरी पोस्टर – भवेश दिलशाद (भोपाल/दिल्ली)

ऊंचा नगर नीचा नगर...

'ऊंचा नगर नीचा नगर'... मोबाइल कैमरा फ़ोटो — शशि खरे

मोबाइल कैमरा फ़ोटो – शशि खरे (मुंबई से)

अर्नेस्ट हेमिंग्वे

अर्नेस्ट हेमिंग्वे का पेपर कोलाज पोर्ट्रेट — श्रीकांत आप्टे

पेपर कोलाज पोर्ट्रेट – श्रीकांत आप्टे (मुंबई)

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