2025 का राजनीतिक सिनेमा: राष्ट्रवाद-प्रतिक्रिया-मनोरंजन की नयी त्रयी

लेखा-जोखा मानस की कलम से…. 2025 का राजनीतिक सिनेमा: राष्ट्रवाद-प्रतिक्रिया-मनोरंजन की नयी त्रयी              पिछले कुछ वर्षों में सिनेमा के विषयों में राजनीति और...

धुरंधर: पॉलिटिकल फ़िल्म या साइकी में घुसपैठ

बियॉण्ड द रिव्यू भवेश दिलशाद की कलम से…. धुरंधर: पॉलिटिकल फ़िल्म या साइकी में घुसपैठ              अगर कोई फ़िल्म बाज़ार में चल पड़ती है,...

शैलेंद्र: कला और सहजता का दुर्लभ संयोग

शख़्सियत को जानिए ज़ाहिद ख़ान की कलम से…. शैलेंद्र: कला और सहजता का दुर्लभ संयोग             भारतीय सिनेमा के सौ साल से ज़्यादा के...

कान्स में छाई ‘ए पोएट’, लाजवाब किरदार की मज़ेदार कहानी

फिल्म समीक्षा (समकालीन विश्व सिनेमा को जानिए)… कान्स में छाई ‘ए पोएट’, लाजवाब किरदार की मज़ेदार कहानी              इसका टाइटल भले ही ‘कवि’ हो,...

ऋत्विक घटक: सिनेमा की एक भाषा का नाम

महान फ़िल्मकार ऋत्विक घटक की जन्म शताब्दी का भी अवसर है और उनके गुज़रने की अर्धशती का भी। इस समय वे कितने प्रांसगिक हैं, उन्हें क्यों और कैसे याद...

मिले सुर मेरा तुम्हारा… ऐसे बना था देश का यह सुर

विज्ञापन जगत के नामी हस्ताक्षर पीयूष पांडेय के ​दुखद निधन पर श्रद्धांजलि, उस अमर कलात्मक रचना की याद के माध्यम से, वह जिसकी निर्माण टीम का हिस्सा रहे। आब-ओ-हवा...