March 20, 2026 आब-ओ-हवा सिनेमा ऑस्कर न पा सकी ‘फ़िलीस्तीन-36’ क्या कहती है? बियॉण्ड द रिव्यू भवेश दिलशाद की कलम से…. ऑस्कर न पा सकी ‘फ़िलीस्तीन-36’ क्या कहती है? फ़िलीस्तीनी ग्रामीणों को क़ैदी बनाकर जिस बस... और पढ़े
March 6, 2026 आब-ओ-हवा सिनेमा ईरान की तीन मस्ट वॉच फिल्में, आप भी देखें ईरान की तीन मस्ट वॉच फिल्में, आप भी देखें ऐसा नहीं है कि ईरान के सिनेमा ने पिछले कुछ दशकों से... और पढ़े
January 2, 2026 आब-ओ-हवा सिनेमा होमबाउंड: समाज का एक्स-रे फ़िल्म चर्चा ख़ुदेजा ख़ान की कलम से…. होमबाउंड: समाज का एक्स-रे आम लोगों से निर्मित हमारा समाज बहुकोणीय स्तरों पर संघर्ष करता हुआ... और पढ़े
December 31, 2025 आब-ओ-हवा सिनेमा 2025 का राजनीतिक सिनेमा: राष्ट्रवाद-प्रतिक्रिया-मनोरंजन की नयी त्रयी लेखा-जोखा मानस की कलम से…. 2025 का राजनीतिक सिनेमा: राष्ट्रवाद-प्रतिक्रिया-मनोरंजन की नयी त्रयी पिछले कुछ वर्षों में सिनेमा के विषयों में राजनीति और... और पढ़े
December 20, 2025 आब-ओ-हवा सिनेमा धुरंधर: पॉलिटिकल फ़िल्म या साइकी में घुसपैठ बियॉण्ड द रिव्यू भवेश दिलशाद की कलम से…. धुरंधर: पॉलिटिकल फ़िल्म या साइकी में घुसपैठ अगर कोई फ़िल्म बाज़ार में चल पड़ती है,... और पढ़े
December 14, 2025 आब-ओ-हवा सिनेमा राज कपूर: हिंदी सिनेमा के पहले शोमैन शख़्सियत को जानिए ज़ाहिद ख़ान की कलम से…. राज कपूर: हिंदी सिनेमा के पहले शोमैन हिंदी सिनेमा में राज कपूर की शिनाख़्त... और पढ़े
December 14, 2025 आब-ओ-हवा सिनेमा शैलेंद्र: कला और सहजता का दुर्लभ संयोग शख़्सियत को जानिए ज़ाहिद ख़ान की कलम से…. शैलेंद्र: कला और सहजता का दुर्लभ संयोग भारतीय सिनेमा के सौ साल से ज़्यादा के... और पढ़े
November 28, 2025 आब-ओ-हवा सिनेमा छावा या फुले.. देश को कैसा नायक चाहिए? सिनेमैट्रिक्स भवेश दिलशाद की कलम से…. छावा या फुले.. देश को कैसा नायक चाहिए? पानी बहता हुआ है अक्स बचा लो अपने ... और पढ़े
November 21, 2025 आब-ओ-हवा सिनेमा कान्स में छाई ‘ए पोएट’, लाजवाब किरदार की मज़ेदार कहानी फिल्म समीक्षा (समकालीन विश्व सिनेमा को जानिए)… कान्स में छाई ‘ए पोएट’, लाजवाब किरदार की मज़ेदार कहानी इसका टाइटल भले ही ‘कवि’ हो,... और पढ़े
November 7, 2025 आब-ओ-हवा सिनेमा बॉलीवुड फिल्मों में पुलिस – हीरो, विलन और… मानस की कलम से…. बॉलीवुड फिल्मों में पुलिस – हीरो, विलन और… 80 के दशक की पैदाइश होने की वजह से जब भी... और पढ़े