ज़माने की बात को अपनी बात बनाने का शऊर

नियमित ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. ज़माने की बात को अपनी बात बनाने का शऊर              रहगुज़र बेशक हर वक़्त तैयार रहती है...

शहर के जिस्म में गांव की मिट्टी की महक

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. शहर के जिस्म में गांव की मिट्टी की महक              शाइरी अब रवायती मौज़ूआत से अलहदा राहों...

नयी शायरी : तकनीक के ज़ाविये में ढलने का हुनर

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. नयी शायरी : तकनीक के ज़ाविये में ढलने का हुनर            शाइरी के अपने तकाज़े रहे हैं। अपने...

वतन की सांसों से वाबस्ता तहरीरों की शायरी

आशीष दशोत्तर की कलम से…. वतन की सांसों से वाबस्ता तहरीरों की शायरी            यौम-ए-आज़ादी हर दौर में शाइरी का हिस्सा रहा है। हो भी...
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