August 30, 2025 आब-ओ-हवा कुछ फ़िल्म कुछ इल्म मम्मी की फिल्मी यादें और कल्पना की दास्तान पाक्षिक ब्लॉग मिथलेश रॉय की कलम से…. मम्मी की फिल्मी यादें और कल्पना की दास्तान मम्मी जी ज़मींदार घर से थीं, ब्याह भी वैसे... और पढ़े
August 14, 2025 आब-ओ-हवा कुछ फ़िल्म कुछ इल्म “जय-जय जननी जन्मभूमि, हम बालक हैं तेरे” मिथलेश रॉय की कलम से…. जय-जय जननी जन्मभूमि, हम बालक हैं तेरे समय की रहगुज़र से गुज़रते हुए हम कहां चले जा रहे... और पढ़े
July 30, 2025 आब-ओ-हवा कुछ फ़िल्म कुछ इल्म ‘वो अक्सर याद आते हैं’ यानी एक भूला-बिसरा अभिनेता मिथलेश रॉय की कलम से…. ‘वो अक्सर याद आते हैं’ यानी एक भूला-बिसरा अभिनेता गुलशेर भाई जितना मीठा बोलते थे, उतना ही... और पढ़े
July 15, 2025 आब-ओ-हवा कुछ फ़िल्म कुछ इल्म ‘दिलीप-देव-राज कपूर उसके सामने थे ही क्या!’ ‘दिलीप-देव-राज कपूर उसके सामने थे ही क्या!’ सरदार दिलीप सिंह उर्फ दलीप सिंह आज मुझसे नाराज़ हैं। उन्होंने बोलना शुरू किया ‘मैं... और पढ़े
June 30, 2025 आब-ओ-हवा कुछ फ़िल्म कुछ इल्म मुहब्बत कर लो जी, कर लो अजी किसने रोका है मुहब्बत कर लो जी, कर लो अजी किसने रोका है एक थे सरदार दलीप सिंह, उनका सही नाम दिलीप सिंह था पर वे अपने को दलीप सिंह ही... और पढ़े
June 15, 2025 आब-ओ-हवा कुछ फ़िल्म कुछ इल्म एक नरगिस का सफ़रनामा.. एक नरगिस का सफ़रनामा.. एक दृश्य शुरू होता है, एक युवक एक युवती के साथ चाय वाले के पास पहुंचकर चाय मांगता है लेकिन श्रीमान 420 कड़का है। पैसे... और पढ़े
May 30, 2025 आब-ओ-हवा कुछ फ़िल्म कुछ इल्म कहार कहो डोला उतारे कहां… कहार कहो डोला उतारे कहां… फ़िल्मी दुनिया के आकाश में जाने कितने सितारे आते और चले जाते हैं। यूं कहें कि कम रौशनी... और पढ़े
May 15, 2025 आब-ओ-हवा कुछ फ़िल्म कुछ इल्म तुम अपना रंजो-ग़म.. मुझे दे दो तुम अपना रंजो-ग़म.. मुझे दे दो फ़िल्म के पर्दे पर तो नायक की भूमिका कई निभाते हैं पर असल जीवन में नायक बहुत कम लोग हो पाते हैं। प्रेम... और पढ़े