ख़राब है इंजन और ड्राइवर बदलने का खेल!

कटाक्ष विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. ख़राब है इंजन और ड्राइवर बदलने का खेल!            इंदौर में इन दिनों ग़ज़ब का द्वंद्व चल रहा...

2025: किताबें इस साल और साहित्य की दिशा

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

अदब में अलग भाषा नहीं, परंपरा है

गूंज बाक़ी… इस लेख में साहित्य अकादमी व ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित हिंदी कवि ने भारत व पाकिस्तान के उर्दू साहित्य, प्रगतिवादी दौर के बाद उर्दू साहित्य और हिंदी...

एक सदी बाद भी ‘दिवास्वप्न’ ही है शिक्षा का लक्ष्य!

प्रमोद दीक्षित मलय की कलम से…. एक सदी बाद भी ‘दिवास्वप्न’ ही है शिक्षा का लक्ष्य!             शिक्षा साहित्य में ऐसी पुस्तकें बहुत कम...

एसआईआर के ख़िलाफ़ एक यह एफ़आईआर

प्रसंगवश भवेश दिलशाद की कलम से…. एसआईआर के ख़िलाफ़ एक यह एफ़आईआर              एस.आई.आर… जिसे प्रक्रिया होना चाहिए, उसे नाटक, झमेला या सिरदर्द जैसे...

टीम इंडिया की मानसिक जीत, भय-मुक्त क्रिकेट है संदेश

सेमीफाइनल में रिकॉर्ड-ब्रेकिंग चेज़ और जेमिमा रोड्रिग्स की असाधारण गाथा ने भारतीय महिला क्रिकेट में नया अध्याय जोड़ा है। भारत का ऑस्ट्रेलिया को मात देकर फाइनल में पहुंचने के...

विकास अवधारणा, बिजली परियोजनाएं और संकट में हिमालय

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. विकास अवधारणा, बिजली परियोजनाएं और संकट में हिमालय           मानवीय हस्तक्षेप और जलवायु परिवर्तन के गठजोड़ ने हिमालय की...
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