त्योहार का समय और प्रमाणीकरण का व्यवसायीकरण

स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. आलोक त्रिपाठी की कलम से…. त्योहार का समय और प्रमाणीकरण का व्यवसायीकरण               लगभग एक दशक पहले मैंने फ़ेसबुक पर...

गालियों की पॉलिटिक्स और सोशियोलॉजी

आदित्य की कलम से…. गालियों की सोशियोलॉजी और पॉलिटिक्स                मीडिया में वबाल मचा है कि प्रधानमंत्री को विपक्षी पार्टी के मंच से...

शिक्षक दिवस पर विचारें विद्यार्थी दिवस की अवधारणा

वैचारिकी राजा अवस्थी की कलम से…. शिक्षक दिवस पर विचारें विद्यार्थी दिवस की अवधारणा                शिक्षक दिवस! हम भारत में प्रत्येक पाँच सितम्बर...

परमाणु हमलों का डर, युद्ध विरोध और हिरोशिमा दिवस

भवेश दिलशाद की कलम से…. परमाणु हमलों का डर, युद्ध विरोध और हिरोशिमा दिवस साहिर ने जंग को ही समस्या बताया था समस्याओं का हल नहीं और यह पैग़ाम...

ज्ञानरंजन के अंतर्विरोध

साहित्य जगत में चर्चा है अंजुम शर्मा द्वारा ज्ञानरंजन के साक्षात्कार की। प्रतिक्रियाओं के बीच कुछ मुद्दों और प्रवृत्तियों को कठघरे में खड़ा करती है य​ह टिप्पणी। विवेकरंजन मेहता...

कृष्ण कल्पित की ‘पुरानी धारा’ की नयी करतूत

कृष्ण कल्पित की ‘पुरानी धारा’ की नयी करतूत                साहित्य जगत का मी टू (#MeToo) कांड कहिए या बिग बॉस, लेकिन प्रतिक्रियाओं और...

भिक्षावृत्ति

भिक्षावृत्ति              हम लगातार पेपरों में पढ़ रहे हैं कि भीख मांगने वाले और भीख देने वाले पर भी एफ़आईआर होगी। इसका कितना फ़ायदा...

आत्महत्या : प्रश्नों पर विचार ज़रूरी

आत्महत्या : प्रश्नों पर विचार ज़रूरी          “न जाने कितनी ख़्वाहिशें ख़ाक हुई होंगी न जाने कितनी आग लगी होगी दिलों में न जाने कितने टूटे...
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