अदब में अलग भाषा नहीं, परंपरा है

गूंज बाक़ी… इस लेख में साहित्य अकादमी व ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित हिंदी कवि ने भारत व पाकिस्तान के उर्दू साहित्य, प्रगतिवादी दौर के बाद उर्दू साहित्य और हिंदी...

एक सदी बाद भी ‘दिवास्वप्न’ ही है शिक्षा का लक्ष्य!

प्रमोद दीक्षित मलय की कलम से…. एक सदी बाद भी ‘दिवास्वप्न’ ही है शिक्षा का लक्ष्य!             शिक्षा साहित्य में ऐसी पुस्तकें बहुत कम...

एसआईआर के ख़िलाफ़ एक यह एफ़आईआर

प्रसंगवश भवेश दिलशाद की कलम से…. एसआईआर के ख़िलाफ़ एक यह एफ़आईआर              एस.आई.आर… जिसे प्रक्रिया होना चाहिए, उसे नाटक, झमेला या सिरदर्द जैसे...

टीम इंडिया की मानसिक जीत, भय-मुक्त क्रिकेट है संदेश

सेमीफाइनल में रिकॉर्ड-ब्रेकिंग चेज़ और जेमिमा रोड्रिग्स की असाधारण गाथा ने भारतीय महिला क्रिकेट में नया अध्याय जोड़ा है। भारत का ऑस्ट्रेलिया को मात देकर फाइनल में पहुंचने के...

विकास अवधारणा, बिजली परियोजनाएं और संकट में हिमालय

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. विकास अवधारणा, बिजली परियोजनाएं और संकट में हिमालय           मानवीय हस्तक्षेप और जलवायु परिवर्तन के गठजोड़ ने हिमालय की...

कायस्थों की लिपि कैथी – इतिहास, वर्तमान और भविष्य

प्रसंगवश: दीवाली के बाद आने वाली दूज पर कायस्थ समुदाय में चित्रगुप्त पूजन की परंपरा है। इस तिथि पर कायस्थ समुदाय में विशेष रूप काग़ज़, कलम और दवात की...

त्योहार का समय और प्रमाणीकरण का व्यवसायीकरण

स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. आलोक त्रिपाठी की कलम से…. त्योहार का समय और प्रमाणीकरण का व्यवसायीकरण               लगभग एक दशक पहले मैंने फ़ेसबुक पर...

गालियों की पॉलिटिक्स और सोशियोलॉजी

आदित्य की कलम से…. गालियों की सोशियोलॉजी और पॉलिटिक्स                मीडिया में वबाल मचा है कि प्रधानमंत्री को विपक्षी पार्टी के मंच से...
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