हिन्दी ग़ज़ल में दृश्य चित्रण की बानगी-2

विजय कुमार स्वर्णकार की कलम से…. हिन्दी ग़ज़ल में दृश्य चित्रण की बानगी-2            पिछले भाग में हमने कुछ ऐसे अशआर की पड़ताल की जिनमें...

हिन्दी ग़ज़ल में दृश्य चित्रण की बानगी-1

विजय कुमार स्वर्णकार की कलम से…. हिन्दी ग़ज़ल में दृश्य चित्रण की बानगी-1              कविता में दृश्य चित्रण की परंपरा आदिकाल से रही है।...

क़ाफ़िया कैसे बांधें : भाग-1

नियमित ब्लॉग विजय कुमार स्वर्णकार की कलम से…. क़ाफ़िया कैसे बांधें : भाग-1             सही क़ाफ़िये का चयन करने में अक्सर हिंदीभाषी ग़ज़लकारों को...

ग़ज़ल का वज़्न निकालिए: सिर्फ़ एक मिनिट में

पाक्षिक ब्लॉग विजय कुमार स्वर्णकार की कलम से…. ग़ज़ल का वज़्न निकालिए: सिर्फ़ एक मिनिट में               ग़ज़ल का वज़्न में होना अनिवार्य...

हम तुम और वो

पाक्षिक ब्लॉग विजय स्वर्णकार की कलम से…. हम, तुम और वो             वो आये घर में हमारे ख़ुदा की क़ुदरत है      ...