हम तुम और वो

पाक्षिक ब्लॉग विजय स्वर्णकार की कलम से…. हम, तुम और वो             वो आये घर में हमारे ख़ुदा की क़ुदरत है      ...

मात्राभार गणना: एक मनोरंजक विधि-2

विजय कुमार स्वर्णकार की कलम से…. मात्राभार गणना: एक मनोरंजक विधि-2              “वर्ड रिप्लेसमेंट मैथड” की उपयोगिता निर्विवाद है। पिछले भाग में हमने निम्नलिखित...

तरह : तरह-तरह से

तरह : तरह-तरह से ग़ज़ल कड़े अनुशासन की पक्षधर है। यहाँ ज़रा-सी कमी होने पर गाड़ी पटरी से उतर जाती है। सबसे बड़ी चुनौती है छंद के अनुपालन की।...

“था “और “है” की गुत्थी

“था “और “है” की गुत्थी ये मुझे चैन क्यों नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या यह एक प्रसिद्ध शे’र है। मनुष्य अपनी संवेदनाओं को खंगालकर यह...

शाइरी की रेल-शब्दों के पुल

शाइरी की रेल-शब्दों के पुल         प्रत्येक कलाकार इस तथ्य की पुष्टि करेगा कि वे विशेष क्षण होते हैं, जब मन-मस्तिष्क एक आवेश से संचालित होकर कला के नये...