थोड़ा है, थोड़े की ज़रूरत है

शेरगोई “थोड़ा है, थोड़े की ज़रूरत है” विजय कुमार स्वर्णकार  जिस तरह शे’र में भर्ती के शब्द जाने-अनजाने अपनी जगह बना लेते हैं, उसी तरह कभी-कभी कुछ ज़रूरी शब्द...